
कोटा की चम्बल नदी में नौकायन
कोटा. राजस्थान में मरूभूमि ही नहीं बल्कि यहां की नदियां और झीलें भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। खासतौर से लहरों पर सवारी हर किसी को रोमांचित करती है, लेकिन कोविड संक्रमण ने झील-तालाब व नदियों में नौकायन का ताना-बाना बिखेर दिया है। वर्तमान में राजस्थान के कुछ शहरों में ही मोटर युक्त नौकाओं का संचालन हो रहा है। ज्यादातर जगह नौकायन बंद है। लेकिन, जहां नौकायान हो रहा है, वहां मनमर्जी का किराया वसूला जा रहा है। कोटा की चम्बल नदी में नौकायन के लिए एक यात्री से ही ८०० रुपए तक वसूले जा रहे हैं। एेसे में इसका असर पर्यटकों की संख्या और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। वहीं लहरों का रोमांच आम लोगों से दूर हो गया है। नौकायन से रोजगार करने वाले या तो बेरोजगार हैं या फिर रोजीरोटी के लिए दूसरे कार्य में जुट गए हैं। कोटा में टाइगर रिजर्व क्षेत्र की चंबल नदी में लॉकडाउन के बाद कुछ दिन पहले मोटरयुक्त बोटिंग शुरू की गई। कोटा से गरडिय़ा महादेव तक और जवाहर सागर सेंचुरी में बोटिंग कराई जा रही है, लेकिन इसका किराया बहुत ज्यादा है। पर्यटकों का कहना है कि यदि चम्बल में पर्यटन गतिविधि बढ़ानी है तो किराया कम किया जाना चाहिए।
प्रदेश में नौकायन : एक नजर
-अजमेर की आनासागर झील में कोरोना काल से ही नौकायन बंद है।
-बीकानेर के कपिल सरोवर व गजनेर झील में आगामी आदेश तक नौकायन बंद है।
-अलवर जिले के सिलीसेढ़ झील में मोटरयुक्त नौकायन हो रहा है। प्रति व्यक्ति एक घंटे के 800 रुपए पर नौकायन करवाया जा रहा है। प्रत्येक नौका में 8 सीटें हैं। यहां मास्क लगाकर प्रवेश दिया जाता है।
-माउंट आबू में मोटरयुक्त नौकायन की व्यवस्था नहीं है। कोरोना की वजह से सवा तीन माह तक नौकायन बंद रहने के बाद गत 24 जून से नौका विहार किया जा रहा है।
यहां बंद है बोटिंग
स्थान और किराया
कपिल सरोवर, बीकानेर, 20
गजनेर झील, बीकानेर 20
कायलाना झील, जोधपुर 50
लाखोटिया तालाब, पाली 40
आनासागर झील, अजमेर 50
उदयपुर पुरानी बोट 100
उदयपुर स्पीड मोटरबोट 200
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यहां मनमर्जी किराया पर सवारी
स्थान और किराया
चम्बल नदी, कोटा- 800 रुपए प्रति घंटे (मोटरबोट)
गड़ीसर तालाब, जैसलमेर- 100/200 रुपए (पुरानी बोट)
सिलीसेढ़ झील, अलवर-800 रुपए (मोटरबोट)
Published on:
23 Nov 2020 06:28 am
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