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राजस्थान को मिलने वाली है बड़ी सौगात, सालों का इंतजार होगा खत्म, जानें कब पूरा होगा 72KM की रिंग रोड और नॉर्दर्न बाइपास का काम

Rajasthan Good News: कोटा शहर में सालों से चल रहे नॉर्दर्न बाइपास और रिंग रोड प्रोजेक्ट का काम अब अंतिम चरण में है। मार्च तक इस परियोजना के पूरा होने से शहर चारों दिशाओं से प्रमुख हाईवे से जुड़ जाएगा।

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कोटा

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Akshita Deora

Jan 09, 2026

Kota-News

AI जनरेटेड

Kota Northern Bypass: कोटा शहर में रिंग रोड के लिए करीब एक दशक से चल रहा नॉर्दर्न बाइपास का काम आगामी मार्च माह में पूरा हो जाएगा। इसका काम पूरा होने के साथ ही शहर चारों दिशाओं से प्रमुख हाईवे से कनेक्ट हो जाएगा। नॉर्दर्न बाइपास के चालू होते ही रिंग रोड पूरा हो जाएगा और भारी वाहनों का शहर में प्रवेश बंद हो जाएगा।

करीब दस वर्ष पहले नॉर्दर्न बायपास का प्रथम फेज का काम शुरू हुआ था, लेकिन मुआवजे को लेकर विवाद होने से मामला कोर्ट चला गया। गत वर्ष सहमति बनने के बाद कोटा विकास प्राधिकरण नॉर्दर्न बायपास के पहले फेज का में ने शेष बचा कार्य शुरू किया, वहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग ने दूसरे फेज का काम शुरू किया, लेकिन तकनीकी कारणों से इसमें देरी हो गई। इस पर करीब 475 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

ऐसे पूरा होगा रिंग रोड

कोटा के झालीपुरा से बूंदी जिले के बल्लोप गांव तक बन रहा नॉर्दर्न बाइपास कोटा-बारां हाईवे को कोटा-लालसोट मेगा स्टेट हाईवे से जोड़ेगा। इसी के साथ 72 किलोमीटर का रिंग रोड पूरा होगा। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा 45 किमी हिस्सा पहले से ही चालू है। नॉर्दर्न बायपास का 27 किमी का हिस्सा अब मार्च तक पूरा होने के बाद रिंग रोड चालू हो जाएगा। नॉर्दर्न बाइपास का अधिकांश काम पूरा कर लिया गया है। इस पर रेलवे ओवर ब्रिज का काम चल रहा है जो फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है।

बारां रोड से आने वाले वाहनों का बचेगा समय

नॉर्दर्न बाइपास चालू होने के बाद शिवपुरी, बारां, कोटा जिले के ग्रामीण क्षेत्र से जयपुर जाने वाले वाहनों को फायदा मिलेगा। वर्तमान में बारां रोड से आने वाले वाहनों को हैंगिंग ब्रिज होकर जयपुर की तरफ जाने के लिए झालीपुरा से बल्लोप तक 45 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।

नॉर्दर्न बायपास बनने के बाद महज 27 किमी की दूरी तय कर ये बल्लोप पहुंच जाएंगे। इनके करीब 15 किमी का फेरा कम हो जाएगा। इसके अलावा फेरा बचाने के लिए कोटा शहर में आने वाले भारी वाहनों का शहर में आना भी बंद हो जाएगा। इसके अलावा वाहन चालकों को हैंगिंग ब्रिज का टोल भी नहीं देना पड़ेगा।

इन वाहनों को अब नॉर्दर्न बायपास फेज 1 पर बने टोल प्लाजा पर ही टोल देना होगा। रिंग रोड से कोटा शहर से बाहर जाने वाले रास्ते व राजमार्ग जुड़ जाएंगे। इसमें बूंदी, केशवराय पाटन रावतभाटा, चितौड़गढ़, बंधा धर्मपुरा, कैथून, झालावाड़, सांगोद और बारां रोड शामिल हैं। ऐसे में इन रोड से आने वाले वाहन जिन्हें दूसरे रोड पर जाना है, उन्हें कोटा शहर में प्रवेश की आवश्यकता नहीं होगी।

रेलवे ओवर ब्रिज का काम अंतिम चरण में

नॉर्दर्न बायपास के फेज वन में झालीपुरा की तरफ से भूमि व्याप्ति के चलते अटका काम अंतिम चरण में चल रहा है। इसके केडीए की ओर से फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। यहां कोटा बीना रेल लाइन के ऊपर रेलवे ओवर ब्रिज का काम अंतिम चरण में चल रहा है। इधर सार्वजनिक निर्माण विभाग भी नॉर्दर्न बाइपास के 13 किमी के बचे हिस्से में तेजी से निर्माण कर रहा है। यह निर्माण मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा।

नॉर्दर्न बायपास फेज 1 का काम अंतिम चरण में चल रहा है। ओवरब्रिज को रोड से कनेक्ट करने का काम किया जा रहा है। इसमें रेलवे ओवरब्रिज कर काम कर रहे है। फरवरी तक ही यह काम को पूरा कर लिया जाएगा।
रविंद्र प्रकाश माथुर, निदेशक अभियांत्रिकी, केडीए

नॉर्दर्न बायपास के फेज 2 का काम अंतिम चरण में चल रहा है। इसे मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा।
अजय चौधरी, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी एनएच खंड, कोटा