29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नाम है राजाराम और खुद को बताता है रावण का अवतार, यहां चलती है इसकी कर्मयोगी रावण सरकार

राजस्थान के इस शख्स का नाम राजाराम है, लेकिन यह खुद को रावण का अवतार बताता है। राजस्थान ही नहीं देश भर में रावण सरकार चलाने का सपना भी देखता है।

2 min read
Google source verification
Man Married Stone Sculpture, Man left Wife for Stone Sculpture, Weddings in India, Rajaram Karmyogi, Kota News in Hindi, Ravan, Rajasthan Weird News in Hindi, Rajasthan Patrika Kota, Kota News in Hindi

Rajasthan Weird News in Hindi Man Married Stone Sculpture

अच्छी खासी पत्नी को छोड़कर पत्थर की मूर्ति से शादी रचाने के बाद चर्चा में आए राजस्थान के राजाराम जैन कर्मयोगी की सनक का कोई सानी नहीं है। इस शख्स का नाम भले ही राजाराम हो, लेकिन यह खुद को रावण का अवतार बताता है। रावण के गैटअप में फोटो खिंचाना और फिर उन पर 'कर्मयोगी रावण सरकार' लिखकर रोजाना लोगों को बधाइयां देना इसके डेली रुटीन में शामिल है। इस शख्स की सनक की इन्तहा ये है कि यह राजस्थान ही नहीं पूरे देश में 'रावण सरकार' चलाना चाहता है।

Read More: पत्नी को छोड़ पत्थर की मूर्ति से रचाई शादी, खुद को बताता है रावण का अवतार

रावण की सरकार बनाने का देखता है सपना

कोटा में रहने वाले इस शख्स राजाराम जैन कर्मयोगी की सनक का अंदजा उसके फेसबुक एकाउंट को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। जहां यह खुद को रावण का अवतार बताते हुए राजस्थान ही नहीं पूरे देश में 'कर्मयोगी रावण सरकार' चलाना चाहता है। फेसबुक पर यह शख्स 'कर्मयोगी रावण सरकार' बनकर हर रोज लोगों को बधाईयां देता है। इतना ही नहीं जिस पत्नी को तलाक देने की अर्जी कोर्ट में लगाई है उसके साथ सात जन्मों तक जीने मरने की भी कसमें खाते हुए फोटो अपलोड़ कर रखे हैं।

Read More: पत्थर की मूर्ति से शादी करने वाला ये कभी गधों को खिलाता है रसगुल्ला, कभी खुद को बताता है रावण

दावा 16 संकल्पो का

पत्थर की मूर्ति से शादी रचाते समय राजाराम कर्मयोगी ने 16 संकल्प लेने का दावा किया। उन्होंने कहा कि वे जिंदगी भर इन संकल्पों का निर्वहन करेंगे। पत्थर की मूर्ति के साथ शादी करने से पहले संकल्प लिया कि वे संतान का जन्म नहीं देने, देहदान करेंगे, स्वर्ण आभूषण से परहेज, राजनीतिक सम्मान नहीं लेने, सर्वधर्म समभाव रखने, सेवाकार्य, मृत्युभोज में सम्मिलित नहीं होंगे, फूल माला न पहनने, नशामुक्त जीवन एवं भिक्षावृत्ति उन्मूलन जैसे काम करते रहेंगे। पिछली शादी में लिए गए 12 संकल्पों में नई शादी के दौरान उन्होंने 4 नए संकल्प भी जोड़े। कर्मयोगी ने बताया कि वह अब कभी पुनर्विवाह नहीं करेंगे, किसी भी विवाह समारोह में हिस्सा नहीं लेने के साथ ही किसी के विरोध में शामिल नहीं होंगे।

Read More: चाकूबाजी से फिर थर्राया कोटा, 10 महीनों में हुए 25 मर्डर, टूटा पिछले 5 साल का रिकॉर्ड

लोगों ने सुनाई खरी खोटी

राजाराम के बीबी को छोड़ पत्थर की मूर्ति से शादी करने की बात सुनते ही महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया। ज्यादातर महिलाओं ने कर्मयोगी के इस फैसले का विरोध करते हुए पत्नी अलका के साथ अन्याय बताया है। महिलाओं का कहना है कि यदि पत्नी को छोड़ना ही था तो उससे शादी करके उसकी जिंदगी बर्बाद क्यों की? ज्यादातर महिलाओं ने कर्मयोगी के फैसले को गलत बताते हुए इसे सुधारने की अपील की है।

Story Loader