21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटा

security chek: रामपुरा जिला अस्पताल फुल, नो बेड, स्ट्रेक्चर पर इलाज

कोटा शहर में इन दिनों डेंगू समेत अन्य मौसमी बीमारियाें का प्रकोप बना हुआ है। हालात यह है कि निजी अस्पताल के साथ अब सरकारी अस्पताल भी फुल होने लगे है। अस्पतालों में अब नो बेड की िस्थति आ गई है। ऐसे में मजबूरी में मरीजों का स्ट्रक्चर पर इलाज करवाना पड़ रहा है। यह हाल है रामपुरा जिला अस्पताल के। इस अस्पताल में रामपुरा, घंटाघर, लाडपुरा, करबला, खाई रोड, पाटनपोल, कैथूनीपोल समेत अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इलाज करवाने आते है।

Google source verification

कोटा

image

Abhishek Gupta

Sep 17, 2023

कोटा. कोटा शहर में इन दिनों डेंगू समेत अन्य मौसमी बीमारियाें का प्रकोप बना हुआ है। हालात यह है कि निजी अस्पताल के साथ अब सरकारी अस्पताल भी फुल होने लगे है। अस्पतालों में अब नो बेड की िस्थति आ गई है। ऐसे में मजबूरी में मरीजों का स्ट्रक्चर पर इलाज करवाना पड़ रहा है। यह हाल है रामपुरा जिला अस्पताल के। इस अस्पताल में रामपुरा, घंटाघर, लाडपुरा, करबला, खाई रोड, पाटनपोल, कैथूनीपोल समेत अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इलाज करवाने आते है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि इन दिनों मौसमी बीमारियों का प्रकोप बना हुआ है। ऐसे में अस्पताल में रोजाना की ओपीडी 1200 से भी पार पहुंच रही है। यहां गायनिक, शिशु व जनरल वार्ड में मात्र 30 ही बेड है। जबकि यहां भर्ती मरीजों की संख्या 35 से अधिक है। ऐसे में मजबूरन कई मरीजों को जेके लोन व एमबीएस अस्पताल में रैफर करना पड़ रहा है।

स्टेक्चर पर इलाज

रामपुरा जिला अस्पताल में शनिवार को बारां जिले के छबड़ा निवासी एजाज का पाइल्स का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन यहां बेड खाली नहीं थे। ऐसे में स्ट्रेक्चर पर ही उसे भर्ती किया हुआ था और हाथ में बॉटल चढ़ी हुई थी। एजाज के परिजनों ने बताया कि जनरल वार्ड में बेड खाली नहीं है।

रामपुरा निवासी क्षमता नामा का भी ऑपरेशन हुआ था। उसका भी स्ट्रेक्चर पर ही इलाज किया जा रहा था। परिजनों ने बताया कि स्टाफ ने बेड खाली होने पर ही उपलब्ध होने की बात कही। ऐसे में स्ट्रेक्चर पर ही इलाज चल रहा है।

– एक बेड पर दो से तीन मरीज भर्ती

अस्पताल में बेड की कमी के चलते एक बेड पर डेंगू व बुखार के दो से तीन मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जनरल वार्ड में घंटाघर निवासी अनम डेंगू से पीडि़त है। उसी बेड पर तालेड़ा निवासी अमदीप को भर्ती किया हुआ है। मरीजों के परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को तो एक बेड पर तीन से चार बच्चे भर्ती थे। कुछ का जमीन पर इलाज चल रहा था ।