
B'Day Spl : जब मुकुंदरा के जंगलो में श्रेया घोषाल का हुआ टाइगर से सामना, जानिए कुछ अनसुनी बातें
देश की सबसे पॉप्युलर और सबसे बेहतरीन गायिका Shreya Ghoshal आज अपना 35वां जन्मदिन मना रही हैं। श्रेया का जन्म 12 मार्च, 1984 को पश्चिम बंगाल के छोटे से गांव ब्रह्मपुर में हुआ था। इनके पिता का नाम विश्वजीत घोषाल है, ‘मेलोडी क्वीन’ के नाम से चर्चित श्रेया घोषाल की संगीत यात्रा रावतभाटा से शुरू हुई, जहां उनके पिता विश्वजीत घोषाल न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन में बिजली इंजीनियर थे।
चार साल की उम्र में रावतभाटा में सिंगर बनने की ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया। उनकी पहली गुरु उनकी मां सरमिष्ठा घोषाल थीं, जो खुद एक सिंगर हैं। वे आठवीं कक्षा तक यहां के एटोमिक एनर्जी केन्द्रीय विद्यालय में पढ़ीं, जहां के संगीत शिक्षक जयवर्द्धन भटनागर के घर जाकर वे गायन सीखती थीं।
जब मुकुंदरा के जंगलो में हुआ टाइगर से सामना
उनके संगीत शिक्षक जयवर्द्धन भटनागर के मुताबिक "कोटा में एक संगीत प्रतियोगिता खत्म होने पर रात करीब 11 बजे श्रेया घोषाल को स्कूटर के पीछे बैठा कर वे रावतभाटा लौट रहा थे । मुकंदरा घाटी के जंगलों से गुजर रहे थे तो अचानक हमसे आगे चल रही एक जीप रुक गई। जीप वालों ने इशारा किया कि 50 मीटर की दूरी पर टाइगर खड़ा था। हमारे होश फाख्ता हो गए। बाद में टाइगर जब सड़क से नीचे उतर गया, तब हम चले।
6 वर्ष की उम्र में किया पहला शो
श्रेया घोषाल ने 6 वर्ष की उम्र में रावतभाटा क्लब में अपना पहला स्टेज शो किया। श्रेया घोषाल के पिताजी का बाद में मुंबई स्थित भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर में तबादला हो गया। श्रेया ने मुंबई में आगे की पढ़ाई जारी रखने के साथ ही यहां कल्याण जी (कल्याण जी आनंद जी जोड़ी वाले) से प्रशिक्षण लिया और 16 साल की उम्र में ही ‘देवदास’ जैसी फिल्म से अपना कैरियर शुरू किया। उन्होंने 2015 में बचपन के दोस्त शिलादित्य मुखोपाध्याय से विवाह कर लिया। लता मंगेशकर ने गायन से संन्यास ले लिया है और उनकी जगह अब श्रेया घोषाल ले चुकी हैं। कह सकते हैं कि श्रेया घोषाल आज की लता हैं जो सुरों की दुनिया में बेतरह छा चुकी हैं।
Published on:
12 Mar 2019 04:52 pm
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