भारी बारिश के कारण पुलिया पर उस समय करीब 5 फीट पानी की चादर चल रही थी। होमगार्ड को पुलिया पार करने से रोका भी लेकिन वह नहीं माना और हादसा हो गया।
Home-guard Died In Rawatbhata: रावतभाटा के कुंडाल के बड़ोदिया गांव में बुधवार सुबह 7 बजे बहे एक व्यक्ति का शव 10 घंटे बंद शाम पांच बजे सिविल डिफेंस ने पांच किलोमीटर दूर हलसेड़ा गांव के समीप झाड़ियों से निकाला। पुलिस ने रावतभाटा में पोस्टमार्टम करा शव परिजन को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार होमगार्ड कामड पुत्र रामा मेघवाल (58) मंगलवार रात रेनखेड़ा गांव गया था और बुधवार सुबह लौटते समय खाळ पर बनी पुलिया पार करने की कोशिश कर रहा था।
सफाईकर्मी उदयलाल मेघवाल ने बताया कि भारी बारिश के कारण पुलिया पर उस समय करीब 5 फीट पानी की चादर चल रही थी। उसने कामड़ को पुलिया पार करने से रोका भी लेकिन वह नहीं माना और हादसा हो गया।
सूचना पर एसडीएम महेश गागोरिया, थाना अधिकारी रायसल सिंह शेखावत सिविल डिफेंस स्वयं सेवकों को लेकर मौके पर पहुंचे और उसकी तलाश शुरू की। दोपहर तक कामयाबी नहीं मिलने पर कोटा से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। बाद में अलसेड़ा गांव के समीप शाम पांच बजे झाड़ियों में शव मिला।
शव रावतभाटा मोर्चरी लाया गया। जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया। इस दौरान नायब तहसीलदार, किसान नेता कमल बोहरा, सरपंच प्रतिनिधि नवल चीता समेत जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे।
बडोदिया और रेनखेड़ा को जोड़ने वाली यह पुलिया कई वर्षों से खतरा बनी हुई है। हर साल बारिश में यहां हादसे होते हैं। ग्रामीण वर्षों से पीडब्ल्यूडी विभाग से पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि खाल से महज पांच फीट ऊंची यह पुलिया बरसात में लगभग 16 गांवों का रास्ता बंद कर देती है। बावजूद इसके विभागीय अनदेखी के चलते अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है।