
कोटा की उमा ने करीब 8 साल पहले पिता को खोया। मां ने झाडू पोछा लगाकर अपनी बेटी को पढ़ाया। स्कूल ने भी उसकी मदद की। जिसकी बदौलत उसे 12वीं बोर्ड परीक्षा आर्ट्स में 96.20 प्रतिशत अंक हासिल हुए।
कोटा. कहते है कि यदि पढ़ने की तमन्ना हो तो कोई भी बाधा आड़े नहीं आती है। चाहे इसके लिए संसाधन भी कम पड़ जाए। कोटा की उमा ने करीब 8 साल पहले पिता को खोया। मां ने झाडू पोछा लगाकर अपनी बेटी को पढ़ाया। स्कूल ने भी उसकी मदद की। जिसकी बदौलत उसे 12वीं बोर्ड परीक्षा आर्ट्स में 96.20 प्रतिशत अंक हासिल हुए। उमा गुर्जर प्रेम नगर िस्थत एक निजी स्कूल की छात्रा है। उसके पिता साहब लाल की 8 साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी उसकी मां फोरंती बाई पर आ गई। उमा की एक छोटी बहन व एक बड़ा भाई है। तीनों बच्चों की परवरिश के चलते मां को घरों पर झाडू पोछा लगाकर पढ़ाना पड़ रहा है। उमा ने बताया कि उसने स्कूल में पढ़ाई के अलावा कोचिंग भी ली और रोजाना 5-6 घंटे पढ़ाई की।
Updated on:
20 May 2024 06:00 pm
Published on:
20 May 2024 05:49 pm
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