
Court News : रिश्वत के आरोपी आरपीएफ के तत्कालीन हैड कांस्टेबल को पांच वर्ष का कठोर कारावास
कोटा. रिश्वत लेने के 11 साल पुराने मामले में भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय कोटा के न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने मंगलवार को रेलवे सुरक्षा बल के तत्कालीन हैड कांस्टेबल रमेश चंद सोलंकी को 5 साल कठोर कारावास व 80 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। हैड कांस्टेबल ने चाय की थड़ी हटाने की धमकी देकर 9 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। 2011 में बारां एसीबी ने दो हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
सहायक निदेशक अभियोजन अशोक कुमार जोशी ने बताया कि 24 अक्टूबर 2011 को जनता कॉलोनी मस्जिद के पास बारां निवासी परिवादी रामभरोस ने बारां एसीबी चौकी में शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि वह करीब 13 माह से कवाई सालपुरा में बिजली के प्लान्ट के गेट के पास चाय-नाश्ते की दुकान लगाता है।रेलवे सुरक्षा बल का हैड कांस्टेबल रमेश सोलंकी उसे पिछले दो-तीन महीने से परेशान कर रहा है। वह कहता है कि उसने रेलवे की जमीन पर दुकान लगा रखी है। दुकान नहीं हटाने के एवज में 3 हजार के हिसाब से 3 महीने के 9 हजार रुपए मांग रहा है। रिश्वत नहीं देने पर सामान जब्त करने की धमकी दे रहा है। इस पर एसीबी टीम ने गोपनीय सत्यापन करवाया। इसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। परिवादी की शिकायत पर एसीबी बारां ने ट्रेप कार्रवाई की। टीम ने 2 नवंबर को सालपुरा रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म के पास हैड कांस्टेबल रमेश चंद को 2 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम उसकी टोपी से बरामद की। आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था।
न्यायालय का मत
आरोपी रेलवे सुरक्षा बल बारां में हैड कांस्टेबल था। आरोपी द्वारा लोक कर्तव्यों के निर्वहन से परे जाकर घोर लापरवाही बरत कर परिवादी को परेशान कर वर्दी का भय दिखा कर नाजायज रूप से रिश्वत देने के लिए मजबूर किया। यहीं नहीं परिवादी ने एसीबी में रिपोर्ट दर्ज करवाई तो आरोपी रमेशचंद ने उसका पैर तोड़ दिया। ऐसे में आरोपी के प्रति सजा में नरमी का रुख अपनाया जाना न्यायोचित नहीं है। आरोपी ने बतौर लोकसेवक पदस्थापित रहते हुए रेलवे की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है।
Published on:
16 Mar 2022 01:43 pm
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