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कोटा में एक हजार एकड़ में बनेगा बल्क ड्रग जोन,5000 करोड़ का होगा निवेश

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत केन्द्र सरकार ने मांगे प्रस्ताव, रीको तैयारी में जुटा

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कोटा में एक हजार एकड़ में बनेगा बल्क ड्रग जोन,5000 करोड़ का होगा निवेश

कोटा में एक हजार एकड़ में बनेगा बल्क ड्रग जोन,5000 करोड़ का होगा निवेश

कोटा. सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले कुछ सालों में कोटा दवा उत्पादन का बड़ा केन्द्र बन सकता है। इसके लिए कोटा जिले में दवाओं के उत्पादन का बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी चल रही है। रीको की ओर से प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इस जोन में मोटे तौर पर पांच हजार करोड़ के निवेश की संभावना है। दवा उत्पादन क्षेत्र में यह आत्मनिर्भरता का बड़ा कदम साबित हो सकता है। केन्द्र सरकार ने हाल ही देश में तीन बल्क ड्रग्स जोन (वृहद दवा औद्योगिक क्षेत्र) स्थापित करने की घोषणा करते हुए राज्यों से इसके प्रस्ताव मांगे हैं। प्रदेश में इसका प्रस्ताव कोटा से भेजने पर सहमति बनी है। इसके लिए रीको को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रीको की ओर से रामगंजमंडी के फतेहपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक हजार एकड़ जमीन इस जोन के लिए चिह्नित की है। तकनीकी दृष्टि से यह जमीन उपयुक्त मानी गई है। इस औद्योगिक क्षेत्र में रीको के पास काफी जमीन है। इसके बाद अब आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी माह केन्द्र को इसका प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। दवाओं में उपयोग होने वाला कैमिकल चीन से आयात किया जाता था, चीन से विवाद के बाद केन्द्र सरकार ने दवा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इसमें कोटा से प्रस्ताव मांगे गए हैं। एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल का कहना है थ्क तमाम तरह की दवाएं तैयार करने में जो कैमिकल्स उपयोग होता है। वह अधिकांशत कोटा में तैयार होता है। इसलिए इस जोन के लिए कोटा का दावा मजबूत रहेगा। रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक एस.के. गर्ग का कहना है कि केन्द्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार बल्क ड्रग जोन के प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभी प्रारम्भिक स्थिति में है। कोटा में इस जोन के लिए सभी ढांचागत सुविधा उपलब्ध है। बल्क ड्रग जोन की स्थापना से कोटा में निवेश के नए द्वार खुलेंगे। इस जोन में दवाओं प्रयुक्त होने वाले कैमिकल्स आधारित इकाइयां लगाई जानी प्रस्तावित हैं। इस जोन में अत्याधुनिक टेक्नॉलोजी आधारित उद्योग लगते हैं। यह कैमिकल तमाम तरह की दवाओं और कैप्सूल तैयार करने में काम आता है। देश में अभी सबसे ज्यादा इसका कोटा में उत्पादन होता है। कोटा में करीब 18 प्लांट कार्यशील हंै। इससे पांच हजार करोड़ का निवेश होने की संभावना है। रोजगार सृजन भी होगा। देशभर से बल्क ड्रग्स जोन के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सरकार ने जो गाइड लाइन तय की है, उसमें जो मापदण्ड शत प्रतिशत पूरे किए जाएंगे, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी और रेटिंग के आधार पर चयन होगा। इसमें यदि 1000 एकड़ से अधिक जमीन है तो बोनस अंक मिलेंगे। कोटा में इससे ज्यादा जमीन है। अन्य आधार पर भी बोनस अंक मिलने की संभावना है।

इसलिए चुना कोटा

- कोटा जिले में फतेहपुर औद्योगिक क्षेत्र से बेहतर रोड कनेक्टिविटी है। ब्रॉडगेज रेल लाइन से जुड़ा हुआ क्षेत्र है।

- जमीन की पर्याप्त उपलब्धता है। आने वाले समय में कोटा एयर कनेक्टिविटी से भी जुडऩा प्रस्तावित है।

- पानी-बिजली की आपूर्ति बेहतर है।