कोटा. रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते रोडवेज के चक्के पांचवें दिन भी जाम रहे। पांचवें दिन भी रोडवेज बसे नहीं चलने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को कुछेक यात्री इस आस में की हड़ताल खुल गई होगी नए बस स्टैण्ड पहुंचे। लेकिन वहां पसरा सन्नाट देख कुछ यात्री अपने घर लौट गए और कुछ ने निजी बसों से यात्री की।
शाह कोटा में करेंगे चुनावी शंखनाद…पढि़ए पूरा कार्यक्रम
सरकार की दोहरी राजनीति
शुक्रवार को डीसीएम रोड स्थित नए बस स्टैण्ड पर सयुंक्त मोर्चा से सभी घटकों के पदाधिकारी धरने पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। नयापुरा बस स्टैण्ड पर सन्नाटा पसरा रहा। संयुक्त मोर्चा के सम्भागीय अध्यक्ष राधेमोहन ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल में संयुक्त मोर्चा के छह संगठन शामिल है। राजस्थान में करीब अ_ारह हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल है। उन्होंने कहा की पहले हुए समझौते को ही यह सरकार लागू नहीं कर पाई तो इस सरकार से कतई उम्मीद नहीं है की यह लागू करें। उन्होंने बताया की सरकार दोहरी राजनीति चल रही है। सरकार रोडवेज का निजीकरण कर निजी बस मालिकों को बढ़ावा दे रही है। पिछले पांच दिनों से यात्री परेशान है लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। एटक के सम्भागीय सचिव राजूलाल सिंधी ने कहा आन्दोलन के लिए रोजना मुख्यालय से गाइड लाइन मिलती है उसके अनुसार शांतीपूर्वक आन्दोलन कर रहे है। जयपुर में वार्ता चल रही है वार्ता में सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो मुख्यालय के आदेशानुसार आगे कदम उठाया जाएगा। इंटक मजदूर कांग्रेस अध्यक्ष रामलाल गौचर ने बताया कि मुख्यमंत्री हठधर्मिता पूर्वक रोडवेज कर्मचारियों के साथ दमनात्मक निर्णय कर रही है। इसके विरोध में अन्य कर्मचारी यूनियन के नेता भी साथ आने वाले है।
जो आजतक नहीं हो पाया..क्या होगा इस बार
वापस घर लौटना पड़ा
शुक्रवार दोपहर बाद श्रीराम नगर निवासी बरजीबाई बड़ौद जाने के लिए डीसीएम रोड स्थित नए बस स्टैण्ड पहुंची। बरजी बाई ने पहले तो टिकट विण्डों के चक्कर काटा लेकिन विण्डों बंद देख वहां बैठे रोडवेज कर्मचारियों से बड़ौद जाने वाली बस की पूछी तो कर्मचारियों ने हड़ताल होने की बात कहीं। यह सुन बरजी बाई अपने घर वापस लौट गई। संजय नगर निवासी ब्रजेश बाई को पता नहीं था की रोडवेज की हड़ताल चल रही है। वह भी बूंदी जाने के लिए नए बस स्टैण्ड पहुंची लेकिन हड़ताल की जानकारी के बाद वापस घर लौट गई।