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‘बीमार’ आरजीएचएस को नहीं मिल रही सरकार की ‘डोज’, दवा के लिए भटक रहे कर्मचारी-पेंशनर

मेडिकल स्टोर्स पर चस्पा आरजीएचएस योजना में दवा नहीं देने का बोर्ड

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कोटा

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Abhishek Gupta

Aug 30, 2024

आरजीएचएस योजना

पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारी इन दिनों यदि बीमार हो गए तो नहीं दवाइयां नहीं मिलेगी। राज्य सरकार की ओर से बकाया भुगतान नहीं करने से दवा देने से दवा विक्रेताओं ने हाथ खड़े कर दिए

अ​भिषेक गुप्ता

kota news: पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारी इन दिनों यदि बीमार हो गए तो नहीं दवाइयां नहीं मिलेगी। राज्य सरकार की ओर से बकाया भुगतान नहीं करने से दवा देने से दवा विक्रेताओं ने हाथ खड़े कर दिए है। इसके चलते पिछले 20 दिन से राजस्थान गर्वमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के पात्र कार्ड धारकों को दवा नहीं मिल रही है। बकाया भुगतान के कारण आरजीएचएस के अधिकृत दवा विक्रेताओं ने कैशलेस दवाओं की बिक्री बंद कर दी है। जिससे कार्ड धारकों को पात्रता के बावजूद बाजार से नकद राशि देकर दवाएं खरीदनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी नियमित रूप से दवाएं लेने वाले पेंशनर्स को हो रही है। कई पेंशनर्स एक से दूसरे मेडिकल स्टोर्स पर भटक रहे है।

21 दिन में भुगतान का नियम
प्रदेश में आरजीएचएस योजना में सरकारी कर्मचारियों के वेतन से हर माह तय राशि की कटौती होती है। इस कटौती की राशि का योजना के तहत खर्च किया जाता है। मेडिकल स्टोर संचालकों ने बताया कि इस कटौती की राशि का बड़ा हिस्सा विभिन्न योजनाओं में खर्च दिया गया। जिसके कारण भुगतान की प्रकिया प्रभावित हो गई है। जबकि सरकार को अनुबंधित दवा विक्रेताओं को 21 दिन में भुगतान का नियम है, लेकिन पिछले चार माह से उन्हें भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में वे भी आगे कंपनियों को भुगतान नहीं कर पा रहे है।

कर्मचारियों का यह कहना
1. चिकित्सा विभाग में कार्यरत भरत राज ने बताया कि वह बीमार होने पर आरजीएचएस में दवा लेेने के लिए मेडिकल स्टोर पर गया, लेकिन उन्हें दवा नहीं दी गई। दवा विक्रेताओं ने हड़ताल की जानकारी दी। ऐसे में नकद राशि में दवा खरीदनी पड़ी।


2. शिक्षा विभाग में कार्यरत अशोक सोनी ने बताया कि पत्नी को कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्त्रीरोग विभाग में दिखाने के बाद जब विज्ञाननगर अनुबंधित मेडिकल स्टोर पर गए तो वहां आरजीएचएस में दवा देने से मना कर दिया। नकद भुगतान देकर दवा लेनी पड़ी।


3.आरएएसी में तैनात तेज सिंह ने बताया कि पत्नी को एलर्जी व पेट में छाले होने पर डॉक्टर को दिखाने के बाद जब वह अनुबंधित मेडिकल स्टोर पर गए तो वहां दवा देने से मना कर दिया। नकद भुगतान देकर दवा लेनी पड़ी।


4. गर्वमेंट कर्मचारी तेजमल मीणा ने बताया कि मेरी माताजी को सांस व खांसी की तकलीफ होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दिखाया। दवाई के लिए तीन दुकान पर घूमने पर भी आरजीएचएस की दवाई नहीं मिली।


फैक्ट फाइल

- प्रदेश में 4,546 कैमिस्ट के करीब 500 करोड़ बकाया
- कोटा जिले के 150 कैमिस्ट के 40 करोड़ से अधिक बकाया


इनका यह कहना

वित्त मंत्री से मिल चुके
पिछले चार माह से आरजीएचएस योजना में अनुबंधित कैमिस्ट की करोड़ों की राशि बकाया है। इसके चलते पिछले 10 अगस्त से हड़ताल पर है। वित्त मंत्री दीया कुमारी, एसीएस बजट व वित्त सचिव से मिल चुके है। वित्त मंत्री ने जल्द बजट जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बजट जारी नहीं किया।

- विवेक विजयवर्गीय, अध्यक्ष, प्रादेशिक दवा विक्रेता समिति

हम भी भुगतान नहीं कर पा रहे
आरजीएचएस योजना के तहत अनुबंधित दवा विक्रेताओं को 21 दिन में भुगतान का प्रावधान है, लेकिन पिछले चार माह से बजट जारी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में हमें भी आगे भुगतान में दिक्कतें हो रही है।

नरेश कुकरेजा, संगठन सचिव, कोटा केमिस्ट एसोसिएशन

पेंशनर्स समाज उतरेगा सड़कों पर
पेंशनर्स को पिछले 20 दिन से अनुबंधित दवा विक्रेता दवाइयां नहीं दे रहे है। दवाइयां नहीं मिलने से पेंशनर्स परेशान है। इसके चलते पेंशनर्स समाज सड़कों पर उतरेगा। हम 4 सितम्बर को कलक्ट्री पर धरना देंगे। इसके लिए हमने राज्य सरकार व जिला कलक्टर को ज्ञापन दे दिया है। इसके बाद भी यदि सुनवाई नहीं हुई तो जनप्रतिनिधियों का घेराव करेंगे।

- रमेश चंद गुप्ता, अध्यक्ष, पेंशनर्स समाज कोटा