
सावधान! चाय के साथ ब्रेड खाने से पहले पढ़ लीजिए यह खबर, जरा सी चूक लगा देगी खुशनुमा जिंदगी पर ग्रहण
कोटा . सुबह चाय के साथ ब्रेड, टोस्ट का नाश्ता आपका पेट तो भर सकता है, लेकिन जरा सी अनदेखी सेहत भी बिगाड़ सकती है। बाजार में बिकने वाले बे्रड, टोस्ट पर ना तो उसके उत्पादन की तिथि लिखी जा रही और ना ही उसके अवधि पार होने की तिथि। ऐसे में ब्रेड ताजा है या नहीं, इसका पता लगा पाना मुश्किल है। बासी ब्रेड खाने से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।
मिठास के लिए घोल रहे सेकरीन
ब्रेड, टोस्ट उत्पादक कम्पनियां, बेकरी संचालक ब्रेड में मिठास घोलने के लिए उसमें प्रतिबंधित सेकरीन की मात्रा भी मिला रहे हैं। कई केमिकल्स मिले होने के कारण ये मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। गौर करने वाली बात यह है कि बिना उत्पादन व अवधिपार तिथि के ब्रेड, टोस्ट के पैकेट कई सरकारी उपक्रमों में भी आपूर्त किए जा रहे हैं।
सर्दी में तीन गुना खपत
ब्रेड, टोस्ट निर्माताओं के अनुसार कोटा शहर में इन दिनों प्रति दिन करीब 20 हजार पैकेट ब्रेड व करीब 100 किलो टोस्ट की खपत हो रही है। सर्दी के दिनों में ब्रेड, टोस्ट की खपत तीन गुना तक बढ़़ जाती है। यानि 60 हजार पैकेट ब्रेड व 300 किलो से अधिक टोस्ट कोटा शहर सहित गांव-कस्बों के लोग चाय की चुस्कियों के साथ नाश्ते में खा जाते हैं।
फास्टफूड, पोहा, कचौरी ने रोकी ब्रेड की खपत
ब्रेड निर्माता महावीर प्रसाद बताते हैं कि एक दशक पहले कोटा में ब्रेड, टोस्ट की जबरदस्त डिमांड थी। तब लेकिन अब फास्टफूड, पौहा, कचौरी का चलन ऐसा बढ़ा कि ब्रेड को पीछे छोड़ दिया। कोचिंग छात्र हो या कॉमन फैमेली। या फिर हॉस्टल संचालक सब नाश्ते में फास्टफूड, पोहा, कचौरी, परांठा खाते हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी चंद्रवीर सिंह जादौन ने बताया कि बे्रड, टोस्ट के नमूने लिए जाते हैं। इसमे एक्सपायरी डेट तो नहीं लिखी होती, लेकिन यूज बिफोर डे अंकित रहता है। उस तिथि तक उसे काम में ले सकते हैं।
Published on:
23 May 2018 10:09 am
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