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राजस्थान का ऐसा जिला जहां 50 रुपए में खत्म होती है जिंदगी और 100 रुपए में परिवार तबाह

तनाव दूर करने के लिए किया गया नशा कई परिवारों को तबाह कर चुका है। कई जिन्दगियां लील चुका है।

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कोटा

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Zuber Khan

Mar 17, 2018

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कोटा . शहर के युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। दो दिन पहले नशे की ओवरडोज से एक नर्सिंग छात्र की मौत हो गई। तनाव दूर करने के लिए किया गया नशा कई परिवारों को तबाह कर चुका है। कई जिन्दगियां लील चुका है। कोटा में नशा करना आसान है, क्यों कि यहां प्रतिबंधित नशीले पदार्थ आसानी से मिल रहे हैं। गली-मोहल्ले, कच्ची बस्तियों से लेकर पॉश इलाकों में ऐसे कई 'अड्डे' हैं, जहां आसानी से नशे का सामान मिल रहा है।

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कुछ थडिय़ों पर जाकर सिर्फ पुडिय़ा मांगने से ही आसानी से नशीला पदार्थ मिल रहा है। पुलिस को इसकी खबर नहीं हो, ऐसा सोचना हास्यास्पद है। युवक की मौत के बाद शुक्रवार को पत्रिका संवाददाता ने विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर नशीले पदार्थों की उपलब्धता के बारे में जाना। जो नजारे दिख, पेश है उनकी जीवंत रिपोट...।

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नयापुरा मुक्तिधाम : छोटी 50, बड़ी पुडिय़ा 100 की
पत्रिका संवाददाता बाहर खड़े युवकों के पास पहुंचा और गांजे की पुडिय़ा मांगी। इस पर एक युवक ने वहां पुलिसकर्मी के खड़े होने की बात कही। जैसे ही पुलिसकर्मी मौके से गया तो उनमें से एक युवक ने आवाज लगाई और बड़ी या छोटी पुडिय़ा देने के बारे में पूछा। जब रेट पूछी तो उसने छोटी पुडिय़ा के 50 और बड़ी के 100 रुपए मांगे। इसके बाद संवाददाता ने 100 वाली पुडिय़ा देने को कहा तो युवक ने जेब से कागज की एक पुडिय़ा निकालकर दे दी। इस पुडिय़ा में गांजा था।

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घोड़ा बस्ती : बच्चों से लेकर बड़े तक लिप्त
यहां संवाददाता पहुंचा तो नजारा देख ऐसा लगा कि जैसे गांजा बेचने वालों की मंडी लगी हो। संवाददाता ने बस्ती के बाहर पहुंच एक युवक से पुडिय़ा मांगी तो उसने एक युवक को कॉल कर बुलाया और बस्ती के अंदर आने को कहा। अन्दर जाने पर मंडी जैसे हालात दिखे। कई लोग गांजा देने के लिए तैयार हो गए। सभी अपने-अपने माल को अच्छा बता रहे थे। उनमें से एक से पूछा कि यहां कोई नहीं आता क्या? इस पर उसने कहा कि आप क्यों चिंता करते हो। आराम से लेकर जाओ माल।