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प्रचार प्रसार के अभाव में दम तोड़ रही सौर कृषि आजीविका योजना

अभी तक मात्र एक किसान योजना से जुड़ पाया

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प्रचार प्रसार के अभाव में दम तोड़ रही सौर कृषि आजीविका योजना

प्रचार प्रसार के अभाव में दम तोड़ रही सौर कृषि आजीविका योजना

सांगोद (कोटा). सौर उर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही बिजली के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार ने सौर कृषि आजीविका योजना शुरू की। इसके तहत किसान अपनी जमीन को सोलर प्लांट के लिए लीज पर देकर अपनी आजीविका बढ़ा सकते हैं। लेकिन प्रचार प्रसार के अभाव में क्षेत्र में योजना दम तोड़ रही है। सौर उर्जा को बढ़ावा देने के नाम पर सरकार ने योजना तो शुरू की, लेकिन हालत यह है कि सांगोद व कनवास क्षेत्र में अभी तक सिर्फ एक किसान ही योजना से जुड़ पाया है।
उल्लेखनीय है कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से सौर कृषि आजीविका योजना शुरू की गई। इसके तहत किसान 26 वर्ष की लीज पर जमीन दे सकेगा। इस योजना में 33 केवी जीएसएस के पांच किलोमीटर के दायरे में जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाकर आय प्राप्त कर सकेंगे। योजना में किसान की एक ही जगह पर कम से कम एक हैक्टेयर जमीन होना आवश्यक है। इसके तहत बंजर और अनुपजाऊ जमीन पर सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा सकेगा।
योजना में ऑनलाइन पंजीकरण
योजना के तहत 33 केवी जीएसएस के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसान अपनी एक हैक्टेयर जमीन पर सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाने के लिए ऑनलइान आवेदन कर सकता है। प्लांट लगाने के लिए किसान को ऑनलाइन पोर्टल पर 1180 रुपए का पंजीकरण शुल्क के तौर पर भुगतान करना होता है। इसके अलावा जो डवलपर उस प्लांट को लगाना चाहता है उसे भी ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क के तौर पर 5900 रुपए जमा कराने होंगे।
योजना में किसानों को यह होगा फायदा
इस योजना के तहत बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। साथ ही किसानों को दिन में बिजली उपलब्धता होगी। प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को बंजर या अनुपयोगी जमीन के लिए लीज राशि मिलेगी, जिससे अतिरिक्त आय होगी। लेकिन जानकारी के अभाव में किसान योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे। किसानों का कहना है कि जानकारी नहीं होने से किसान योजनाओं से महरूम रह जाते हैं।
किसान को प्रतिमाह मिलेगी लीज राशि
किसान को ऑनलाइन आवेदन के बाद संबंधित कम्पनी की ओर से भौतिक जांच की जाएगी। इसके बाद किसान और कम्पनी के बीच करार होगा। बंजर भूमि पर फसलों की पैदावार नहीं होती है। ऐसे में काश्तकार उक्त जमीन पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए संबंधित कम्पनी को 26 साल की लीज पर देगा। डिस्कॉम की ओर से संबंधित कम्पनी से बिजली खरीदी जाएगी। उसे इसके बदले नियमानुसार भुगतान करेगा। डिस्कॉम किसान को जमीन के बदले डीएलसी रेट का प्रतिमाह 10 प्रतिशत किराए के रूप में देगा। यह प्लांट 26 साल के लिए लगाया जाएगा। इस प्लांट से 4 किलो मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।
सहायक अभियंता, कनवास बलराम विजय ने बताया कि कनवास क्षेत्र में दो साल पहले एक किसान ने आवेदन किया था, जिसके खेत में सौर उर्जा प्रोजेक्ट लगाया गया था। उसके बाद किसी किसान ने योजना में आवेदन नहीं किया।
सांगोद के सहायक अभियंता प्रमोद यादव ने बताया कि योजना में किसान अपने खेत पर सौर उर्जा प्रोजेक्ट लगा सकता है। सांगोद क्षेत्र में योजना के तहत फिलहाल कोई आवेदन नहीं आया।