
सूरज के दर्शन होने पर तो दुनिया भर के सोलर एनर्जी प्लांट चालू हो जाते हैं, लेकिन कोटा विश्वविद्यालय का प्लांट इनसे थोड़ा हट कर है। यह तभी चालू होगा जब 'मंत्री जी' दर्शन देंगे।
सौ किलोवॉट का यह प्लांट पिछले तीन महीने से इसी बात का इंतजार कर रहा है कि कब उद्घाटन की तारीख मिले और कब बिजली बनाना शुरू हो। उम्मीद तो मैडम से भी थी, लेकिन उनकी उद्घाटन लिस्ट में यह शामिल नहीं हो सका।
विवि की परचेज कमेटी ने 18 जून 2015 को अकादमिक ब्लॉक की छत पर सौ किलोवॉट का सोलर एनर्जी प्लांट लगाने का प्रस्ताव पारित किया। प्लांट लगाने पर 79.49 लाख रुपए का खर्च आना था, जिसके लिए विवि प्रशासन ने राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम से प्लांट स्थापना की अनुमति और सब्सिडी की मांग की।
निगम ने अगस्त 2015 में 24 लाख रुपए की सब्सिडी जारी करने के साथ ही हैदराबाद की कंपनी विक्रम हैदराबाद को कोटा विवि में सोलर एनर्जी प्लांट का निर्माण और इंस्टालेशन करने का कार्यादेश भी जारी कर दिया।
कंपनी ने दिसंबर से काम शुरू किया और मार्च आखिर में प्लांट स्थापित करनेे के साथ ही विवि की कनेक्टिविटी भी जोड़ दी। पिछले तीन महीने से गाहे-बगाहे विवि को प्लांट से बिजली तो सप्लाई हो रही है, लेकिन नियमित सप्लाई का फायदा नहीं मिल पा रहा।
शुरू से ही आने लगी थीं अड़चनें
सोलर एनर्जी प्लांट की राह में शुरू से ही अड़चनें आने लगी थीं। अक्षय ऊर्जा निगम की हरी झंडी मिलने के बाद भी प्लांट की स्थापना का काम चार महीने सिर्फ इसीलिए अटका रहा क्योंकि विवि प्रशासन आरएसआरडीसी से छत के पिलर काटने की अनुमति हासिल नहीं कर पा रहा था।
निगम के दबाव में प्लांट की राह से जैसे-तैसे यह रोड़ा निकला तो कनेक्टिविटी जोडऩे के बाद नेट मीटरिंग की मुश्किल खड़ी हो गई। विवि प्रशासन ने अप्रेल में जेवीवीएनएल से एमओयू कर लिया था, लेकिन यह काम जून में जाकर पूरा हो सका।
मंत्री आएं तो बने बिजली
कोटा विश्वविद्यालय ने एक महीने पहले प्लांट के उद्घाटन के लिए राज्य सरकार के दो मंत्रियों से समय मांगा था, लेकिन दोनों की व्यस्तता के चलते अभी तक कार्यक्रम तय नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री के दौरे में सोलर प्लांट के उद्घाटन को शामिल कराने की कोशिश की गई, लेकिन स्थानीय राजनीति आड़े आ गई और बात नहीं बन सकी। ऐसे में अब सूरज नहीं मंत्रीजी के दिखने के बाद ही विवि में नियमित बिजली बननी शुरू हो सकेगी।
हालांकि विवि प्रशासन तकनीकी गड़बडिय़ों का दावा कर प्लांट चालू न होने की बात कह रहा है। जबकि जेवीवीएनएल के सहायक अभियंता जेके अग्रवाल ने बताया कि प्लांट की नेट मीटिरिंग होने के साथ ही करीब एक महीने पहले ही कोटा विवि में विद्युत उत्पादन शुरू हो गया है।
अभी सोलर प्लांट चालू नहीं हुआ है। इसकी तकनीकी जांच का काम चल रहा है। जैसे ही यह काम पूरा हो जाएगा प्लांट चालू कर दिया जाएगा। हम नहीं चाहते कि उद्घाटन के बाद किसी तरह की कोई खामी आए और वैकल्पिक ऊर्जा की दिशा में बढ़ रहे संस्थानों को हताशा हासिल हो।
प्रो. पीके दशोरा, कुलपति, कोटा विवि
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