
कोटा यूनिवर्सिटी की फोटो: पत्रिका
राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (सेट-2026) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए कोटा विश्वविद्यालय ने राहत प्रदान की है। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। साथ ही, आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद 27 जुलाई से 2 अगस्त तक करेक्शन विंडो खोली जाएगी, जिसके माध्यम से अभ्यर्थी निर्धारित नियमों के अनुसार व्यक्तिगत जानकारी, परीक्षा शहर, विषय सहित अन्य विवरणों में संशोधन कर सकेंगे। इस निर्णय से उन हजारों अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा जो किसी कारणवश निर्धारित समय में आवेदन नहीं कर पाए थे अथवा आवेदन पत्र में त्रुटि रह गई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे आवेदन का अंतिम अवसर बताते हुए अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन पूर्ण करने की अपील की है।
कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने कहा कि सेट राजस्थान के युवाओं के लिए केवल सहायक प्रोफेसर बनने की पात्रता परीक्षा नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में करियर निर्माण का महत्वपूर्ण अवसर है। यूजीसी द्वारा पीजी अंतिम वर्ष एवं परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे विद्यार्थियों को भी आवेदन की पात्रता प्रदान करना तथा प्रमाण-पत्र की वैधता संबंधी नियमों को स्पष्ट करना विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय है। इससे अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा और किसी का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि अंतिम दिनों में तकनीकी व्यस्तता अथवा सर्वर पर बढ़ते लोड से बचने के लिए 31 जुलाई से पहले ही आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करें।
कॉर्डिनेटर घनश्याम शर्मा ने बताया कि यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार मास्टर डिग्री के द्वितीय सेमेस्टर में अध्ययनरत अथवा परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थी भी सेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा परिणाम घोषित होने की तिथि से दो वर्ष के भीतर अपनी स्नातकोत्तर डिग्री निर्धारित अंकों के साथ पूर्ण करनी होगी।यूजीसी के प्रावधानों के अनुसार सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे। निर्धारित अवधि में पात्रता पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थियों का सेट प्रमाण-पत्र स्वतः अमान्य माना जाएगा।
यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि सेट में सफल होने वाले ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने आवेदन के समय पीजी पूरी नहीं की है, उन्हें परिणाम घोषित होने के दो वर्ष के भीतर निर्धारित योग्यता प्राप्त करनी होगी। समयसीमा के भीतर शैक्षणिक पात्रता पूरी करने पर ही उनका सेट प्रमाण-पत्र वैध रहेगा।
सत्र 2025-26 में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में अध्ययनरत तथा द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा दे चुके अथवा देने वाले विद्यार्थी भी सेट के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। उन्हें भी परिणाम घोषित होने के दो वर्ष के भीतर अपनी पीजी डिग्री पूर्ण करनी होगी।
शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को केवल एक बार आवेदन में संशोधन करने की अनुमति होगी। संशोधन पूर्ण होने और आवेदन पुनः सबमिट करने के बाद आवेदन पत्र फ्रीज हो जाएगा तथा दोबारा कोई बदलाव संभव नहीं होगा।
Updated on:
23 Jul 2026 02:05 pm
Published on:
23 Jul 2026 02:05 pm
