कोटा. नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के ड्रीम प्रोजेक्ट निर्माणाधीन विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल चंबल रिवर फ्रंट पर स्थापित होने वाली चंबल माता की सबसे ऊंची 256 फीट की प्रतिमा को स्थापित करने का शुभारंभ रिवर फ्रंट पर विधिवत पूजा अर्चना के साथ किया गया। प्रतिमा स्थल के नजदीक प्रतिमा की चरण पादुका की पूजा अर्चना की हुई। कोटा नगर विकास न्यास की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कांग्रेस नेता अमित धारीवाल शामिल हुए। उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना कर प्रतीकात्मक चंबल माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
उन्होंने कहा कि कोटा में मूलभूत सुविधाओं के कार्यों के साथ-साथ विकास के अभूतपूर्व कार्य मंत्री शांति धारीवाल के निर्देशन में किए जा रहे हैं। वही कोटा को पर्यटन सिटी बनाने के लिए महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट चंबल रिवर फ्रंट कोटा को विश्व स्तरीय पर्यटन के क्षेत्र में पहचान दिलाने वाला प्रोजेक्ट बताया।
इस मौके पर न्यास सचिव राजेश जोशी ने कहा कि रिवर फ्रंट पर कई विश्व कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे और कोटा पर्यटन के क्षेत्र में विश्व स्तरीय पहचान बनाएगा। जिससे रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। रिवर फ्रंट के डिजाइनर अनूप भरतारिया ने कहा कि चंबल रिवर फ्रंट की आत्मा चंबल माता की प्रतिमा को स्थापित करने का शुभारंभ होना बड़ा सुखद पल हैं। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा इस रिवरफ्रंट में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगी। देश के टूरिज्म में चंबल माता की प्रतिमा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
न्यास ओएसडी आरडी मीणा ने कहा कि चंबल रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट अपने तय वक्त में पूरा होगा और दुनिया का पर्यटक इस पर्यटन स्थल को देखने के लिए बेताब रहेगा, कोचिंग नगरी के साथ कोटा पर्यटन नगरी भी कहलाएगी। इस मौके पर महापौर राजीव अग्रवाल, मंजू मेहरा, उपमहापौर पवन मीणा, पार्षद अनिल सुवालका सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक न्यास अधिकारी मौजूद रहे।
यह है विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा की विशेषता
चंबल रिवर फ्रंट पर चंबल माता की प्रतिमा जयपुर में तैयार की जा रही है, वियतनाम मार्बल से निर्माण की जा रही हैं। करीब 26 करोड़ की लागत से निर्मित हुई इस प्रतिमा की ऊंचाई 256 फीट हैं, करीब 1500 पीस में प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। 55 पीस कोटा में पहुंच चुके हैं, जिनको अब पेडेस्टल पर स्थापित करने का कार्य शुरू किया जा रहा हैं। दुनिया की सबसे ऊंची मार्बल की चंबल माता की प्रतिमा का वजन 1500 टन के करीब रहेगा। प्रतिमा बैराज गार्डन के पास स्थापित की जा रही है। जिसका फेस नयापुरा की ओर होगा।
प्रतिमा से जल का प्रवाह भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। प्रतिमा के ठीक नीचे 5 हाथीयो की प्रतिमाए स्वागत करते नजर आयेगी। 450 एमएम करीब डेढ़ फीट चौड़े 2 पाइपों के जरिए आधुनिक पावरफूल पम्प की सहायता से प्रतिमा के शीर्ष तक पानी को पहुंचाया जाएगा। जयपुर के मूर्तिकार निर्मल शर्मा ने बताया कि जयपुर में 100 से अधिक कारीगर इस विश्व स्तरीय प्रतिमा को बेहद खूबसूरत बनाने जुटे हैं वही कोटा में एक दर्जन से ज्यादा कारीगर लगातार प्रतिमा स्थापित के कार्य में जुटे हुए हैं । दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनने वाली चंबल माता प्रतिमा रिवर फ्रंट पर जल्द स्थापित कर जाएगी।