20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्कूली बच्चे देखेंगे संसद, जानेंगे कैसे मिली भारत को आजादी

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर प्रारंभ किए गए ‘‘समझ संसद की‘‘ अभियान के तहत परीक्षा के माध्यम से चयनित बच्चे लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थान देखने दिल्ली जाएंगे।

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Deepak Sharma

Oct 13, 2022

स्कूली बच्चे देखेंगे संसद, जानेंगे कैसे मिली भारत को आजादी

स्कूली बच्चे देखेंगे संसद, जानेंगे कैसे मिली भारत को आजादी

कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र के सरकारी या निजी किसी भी विद्यालय में पढ़ रहे कक्षा 6 से 12 के बच्चे यदि संसद (Parliament) जाना चाहते हैं तो उनके लिए सुनहरा मौका है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (LokSabha Speaker Om Birla) की पहल पर प्रारंभ किए गए ‘‘समझ संसद की‘‘ अभियान के तहत परीक्षा के माध्यम से चयनित बच्चे लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थान देखने दिल्ली जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के ‘‘नो यॉर कॉन्स्टीट्यूशन‘‘ के आव्हान पर स्पीकर बिरला ने इस विशेष अभियान को मूर्त रूप दिया है। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की समृद्ध लोकतांत्रिक परम्पराओं, राष्ट्र निर्माण में महान नेताओं के योगदान, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और संसद के कामकाज से अवगत करवाना भी है। लोकसभा की संस्था प्राइड और शिक्षा विभाग आपसी समन्वय से परीक्षा आयोजित करेंगे। परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन विद्यार्थी स्कूल में ही करवा सकेंगे।

दो चरणों में होगी परीक्षा

परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 दिसम्बर को विश्व एकता दिवस पर होगा। इस चरण में सफल विद्यार्थी 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर दूसरे चरण की परीक्षा देंगे। सफल विद्यार्थी दिल्ली जाएंगे।

वेबसाइट और ऐप पर मिलेगी अध्ययन सामग्री
परीक्षा के दोनों चरणों के लिए अध्ययन सामग्री प्राइड की वेबसाइट pride.nic.in और डिजिटल संसद एप पर उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा स्कूल में शिक्षक भी विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी में सहयोग करेंगे।

विजेताओं को सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट
प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को संसद तथा दिल्ली के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के दौरे के अलावा प्राइड की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को ई- पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट मिलेंगे।

तीन वर्गों में बांटे विद्यार्थी

कक्षा 6 से कक्षा 8
कक्षा 9 व 10
कक्षा 11 व 12

सदियों की गुलामी और लंबे संघर्ष के बाद देश को आजादी मिली। इन 75 वर्षों में देश ने अनेक उपलब्धियों हासिल की हैं। संसद इस सबकी साक्षी और केंद्र बिन्दू रही है। देश के महान नेताओं ने संविधान का निर्माण भी संसद में किया। हमारी युवा पीढ़ी जितना नजदीक से संसद और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को जानेगी, देश के नवनिर्माण में उनकी भागीदारी उतनी ही अधिक होगी।
ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष