
Suicide In Kota
झुलसाती गर्मी में बिजली गुल हो गई तो सभी लोग छत पर आकर लाइट आने का इंतजार करने लगे, लेकिन जैसे ही लाइट आई सभी लोग चीख पड़े। उनके सामने सफेद चादर में एक शव लटका हुआ था। अंधेरे में वह दिखाई नहीं पड़ा, लेकिन उजाला होते ही सभी की उस पर नजर पड़ गई थी।
मामला कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र का है। जहां रविवार की रात को करीब एक बजे लाइट चली गई। उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि थानाक्षेत्र के कंसुआ मुहल्ला निवासी 32 वर्षीय पुष्पेंद्र की पत्नी बच्चों को लेकर मायके गई हुई थी और वह अपने कमरे के बजाय छत पर बने कमरे में सोने चला गया। बाकी परिजन लाइट जाते ही छत पर चले गए। करीब डेढ़ घंटे बाद जैसे ही लाइट आई और लोग नीचे जाने के लिए उठे तो छत के कुंदे पर सफेद चादर में शव लटका हुआ देखकर चीख पड़े।
बीमारी से था परेशान
शव किसी और का नहीं बल्कि पुष्पेंद्र का ही था। उसने छत पर आकर कब फांसी लगा ली किसी को पता ही नहीं चला। लाइट आने के बाद जब परिजनों की नजर उस पर पड़ी तो खबर हुई। आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद सोमवार सुबह शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के मुताबिक पुष्पेंद्र ने बीमारी से परेशान होकर अपनी जान दे दी।
Published on:
19 Jun 2017 04:58 pm
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