
रावतभाटा में बदबूदार और मटमैले पानी की आपूर्ति
रावतभाटा. राणा प्रताप सागर बांध का जल स्तर कम होते ही शहर में बदबूदार पानी की आपूर्ति होना शुरू हो गई। लोगों ने बताया कि जलदाय विभाग की ओर से आपूर्ति किए जा रहे पानी में मिट्टी के साथ बदबू भी आ रही है जबकि जलदाय विभाग यह कहता है कि यह पानी फिल्टर किया हुआ है। जलदाय विभाग की ओर से रावतभाटा और चारभुजा शहर में जलापूर्ति राणा प्रताप सागर बांध से की जाती है। बांध का जलस्तर अपनी पूर्ण भराव क्षमता से बहुत नीचे चला गया है। पानी की आवक भी नहीं है।
38 वर्षों से नहीं खुले बांध के स्लूज गेट
राणा प्रताप सागर बांध के 4 डाउन स्ट्रीम में 4 स्लूज गेट हैं। जो पिछले 38 वर्षों से नहीं खुले हैं और इनके नहीं खुलने से बांध में बहकर आया कचरा और गाद जमा है। स्लूज गेट से लीकेज होकर पानी निकल रहा है जो काला होकर निकल रहा है। यही पानी जलदाय विभाग राणा प्रताप सागर बांध से लेकर रावतभाटा और चारभुजा के उपभोक्ताओं को आपूर्ति कर रहा है।
गर्मी शुरू होते ही पानी में आती है हर वर्ष बदबू
हर वर्ष गर्मी शुरू होते ही जलदाय विभाग की ओर से आपूर्ति किए जाने वाले पानी में बदबू आना शुरू हो जाती है। जैसे-जैसे बांध का जलस्तर कम होता जाता है वैसे वैसे बदबू अधिक आना शुरू हो जाती है। इसके लिए कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों ने जांच भी की लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। राणा प्रताप सागर बांध के पानी में उगी काई के कारण बांध के पानी में बदबू आती है, लेकिन इसका कोई उपचार जलदाय विभाग के पास नहीं है।
जलदाय विभाग रावतभाटा के सहायक अभियंता लक्ष्मण सिंह ने बताया कि राणा प्रताप सागर बांध का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। ऐसे में जलदाय विभाग के फिल्टर प्लांट को आपूर्ति किए जाने वाला पानी स्लूज गेटों के पास से आ रहा है। बांध में काई और गाद जमा है। इस कारण पेयजल में बदबू आ रही है। जलदाय विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को पानी फिल्टर करके दिया जा रहा है। पानी में मिट्टी कहीं से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण आ रही है, इसकी जांच कराई जाएगी। पेयजल में क्लोरीन और एलम निर्धारित मात्रा में ही डाली जा सकती है, इससे अधिक डालने पर नुकसान होने की संभावना है।
Published on:
09 Apr 2023 12:26 am
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
