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कोटा में नए हवाई अड्डे के लिए जल्द होगा सर्वे होगा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि नए हवाई अड्डे के निर्माण के अलावा मुकुंदरा राष्ट्रीय उद्यान में फिर से बाघों का पुनर्वास किया जाएगा। इससे पहले एनटीए की ओर से पिछले दिनों हुई बाघों की मौत के कारणों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद दूसरे राज्यों से बाघ लाए जा सकेंगे।

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

कोटा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा में नया हवाई अड्डा बनाने के प्रयास जारी हैं। इसी माह फिर से सर्वे होगा। उन्होंने कहा, कोटा में नए हवाई अड्डे के लिए पहले राज्य सरकार से जितनी जमीन मांगी गई थी, उसे ज्यादा बताते हुए सहमति नहीं दी, इस कारण आगे बात नहीं बढ़ पाई। अभी राज्य सरकार ने जमीन देने पर सहमति जताई है। इसी माह में सिविल एविएशन की टीम फिर कोटा सर्वे के लिए आएगी। यहां प्रस्तावित जमीन का सर्वे करने के बाद पता चलेगा कि जमीन पर्याप्त है या नहीं। पहले 876 हैक्टेयर की जगह पर राज्य सरकार 572 हैक्टेयर भूमि ही दे रही थी। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की ओर एक ही दिन में जमीन देने के बयान पर उन्होंने कहा, ये राजनीतिक बात है, इसका जवाब तो कोई राजनीतिक व्यक्ति ही दे पाएगा, लेकिन अभी सरकार ने जमीन देने की सहमति जताई तो उम्मीद है नए हवाई अड्डे की योजना तेजी से आगे बढ़ सकेगी। इसके अलावा मौजूदा हवाई अड्डे से भी छोटे विमान शुरू कराने के लिए भी प्रयास चल रहे हैं, लेकिन छोटे विमानों की संख्या देश में बहुत कम है।

फिर आबाद होगा मुकुंदरा
लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने बताया कि मुकुंदरा राष्ट्रीय उद्यान में फिर से बाघों का पुनर्वास किया जाएगा। इससे पहले एनटीए की ओर से पिछले दिनों हुई बाघों की मौत के कारणों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद राज्य सरकार प्रस्ताव देगी तो दूसरे राज्यों से बाघ लाकर यहां पुनर्वास किया जाएगा।

नए उद्योगों की स्थापना के लिए प्रयास जारी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, कोटा में नए उद्योगों की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कई मंत्रियों से चर्चा के साथ निवेशकर्ताओं से भी बात की है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में लैंड बैंक बनाए जाने की जरूरत है, ताकि कोई कंपनी आए तो उसे उसके अनुकूल जगह दिखाई जा सके। कोटा में पानी, बिजली और रेल-रोड कनेक्टीविटी की सुविधा अच्छी है। ऐसे में यहां नए उद्योग लगाने की विपुल संभावनाएं हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चंबल में क्रूज चलाए जाने की योजना पर भी काम चल रहा है।