
राजस्थान में गेंग चला रही खाकी, खून से सने पुलिस के हाथ ,सब इंस्पेक्टर सूर्य वीर सिंह ने अपने फार्म हाउस पर बुलाई थी पार्टी
कोटा. भानू गैंग के कथित सरगना रणवीर चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। हत्या के मामले में बड़े खुलासा सामने आने के बाद पुलिस कर्मियों पर गाज गिर सकती है। दरअसल चौधरी को गोली मारने से पहले ही शिवराज के भाई और भतीजों ने पार्टी तक दे डाली।
इस पार्टी में कई पुलिस के अफसर और कर्मचारी भी मौजूद रहे। यहीं शिवराज के गुर्गों को रणवीर की हत्या की जानकारी मिली थी। पुलिस की 'छत्रछाया' में शिवराज गिरोह पूरी तरह से आश्वस्त था कि वारदात को अंजाम दे दिया जाएगा। सबसे बड़ी बात की जिस फार्म हाउस में पार्टी की गई वो सब इंस्पेक्टर सूर्य वीर सिंह का था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार भानू के खात्मे के बाद बची खुची गैंग को इकठ्ठा करने और हाड़ौती के अपराध जगत पर कब्जा करने में रणवीर चौधरी कोई कसर नहीं छोड़ रहा था।शिवराज गैंग उसे मारने की कई कोशिशें कर चुका था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। शिवराज गैंग ने इस बार सबसे पहले रणवीर के गिरोह में अपने लोग शामिल करवाए और फिर उन्हीं के जरिए बड़े सौदे का चारा डालकर चौधरी को 22 दिसंबर की रात श्रीनाथपुरम स्टेडियम तक बुलाया।
झालीपुरा में मना जश्र शिवराज के भतीजे चैन सिंह उर्फ चिंटू ने रणवीर की हत्या का जश्र मनाने के लिए इस योजना में शामिल पुलिस कर्मियों को झालीपुरा के फार्महाउस में 22 दिसंबर यानी हत्याकांड के दिन ही पार्टी दी थी। यह फ ार्म हाउस एक पुलिस अधिकारी का बताया जाता है। शाम करीब चार बजे से शुरू हुई पार्टी रणवीर की हत्या की खबर आने के बाद ही खत्म हुई। पार्टी में एसपी सिटी का निजी सहायक देशबंधु, दोनों गनर लोकेंद्र और जितेंद्र वर्मा, नयापुरा उपाधीक्षक कार्यालय में तैनात बलवीर किशनगढ़, अग्निशमन विभाग का फ ायरमैन मुकेश तंवर और पुलिस के मुखबिर समेत करीब आठ थानों के डेढ़ दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे।
शिवराज गैंग ने इस दौरान मुकेश तंवर का जन्मदिन भी मनाया था।इस मामले को दिखवाकर इसकी जांच की जाएगी। मामले में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रविदत्त गौड़, डीआईजी, कोटा रेंज।
Updated on:
07 Jan 2020 11:28 am
Published on:
07 Jan 2020 11:22 am
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