
गैंगस्टर भानूप्रताप सिंह की हत्या का आरोपी नरेन्द्र, नाम बदल काट रहा था फरारी
कोटा. पेशी पर ले जाने के दौरान पुलिस अभिरक्षा में कुख्यात गैंगस्टर भानू प्रताप सिंह व दो पुलिस कर्मियों कि गोलियों से बौछार कर उनकी हत्या करने के मामले में 11 वर्ष से फरार चल रहे गैंगस्टर शिवराज के भाई नरेन्द्र सिंह उर्फ किट्टू उर्फ अंकित को कोटा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर पुलिस मुख्यालय की ओर से 10 हजार व कोटा शहर पुलिस की ओर से 5 हजार का ईनाम घोषित था।
पुलिस अधीक्षक शहर केसर सिंह शेखावत ने बताया कि इटावा के गेंता हाल भीमगंजमण्डी के आदर्श नगर निवासी आरोपी नरेन्द्र सिंह उर्फ किट्टू डकैती की योजना बनाने व गैंगस्टर भानूप्रताप की हत्या मामले में फरार चल रहा था। फरारी के दौरान आरोपी अपने छिपने के ठिकाने बदलता रहता था। पुलिस टीम को सूचना मिली कि वह दिल्ली की तरफ अंकित नाम से फरारी काट रहा है। इस पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली जाकर आरोपी की जानकारी एकत्रित की। पता चला कि आरोपी दिल्ली से एमपी की तरफ निकल गया। वहां छत्तीसगढ़ जा सकता है। इस पर जिला स्पेशल टीम के प्रभारी निरीक्षक नीरज गुप्ता मय साईबर सैल कर्मियों व पुलिस कमाण्डों की एक टीम भेजी। टीम ने शिवपुरीए, झांसी व सतना व जबलपुर आदि क्षेत्रों से जाकर आरोपी को तलाशा। जानकारी मिली कि अकलतरा जिला जाजगीर चापा छत्तीसगढ़ में आरोपी नरेन्द्र छिपा है। इस पर टीम ने वहां पहुंच कर आरोपी नरेन्द्र सिंह उर्फ किट्टू उर्फ अकिंत को गिरफ्तार कर लिया और कोटा लेकर आए।
डकेती की योजना बनाते पकड़ा था आरोपी नरेन्द्र
पुलिस ने 10 मार्च 2010 को खेड़ली फाटक स्थित शिवराज सिंह के मकान की घेराबन्दी कर दबिश दी थी। यहां डकैती की योजना बनाते हुए नरेन्द्र सिंह सहित उसके उसके साथियों जोगेन्द्र सिंह उर्फ गुड्डू, विनोद राठौर, पवन राजपूत, गिर्राज सिंह, रामू उर्फ विराज सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इनके पास से 3 पिस्टल, 1 कट्टा, दोनाली गन, राइफल, पिस्टल मैगजीन सहित काफी संख्या में कारतूस व उनकी पेटी बरामद की थी। प्रकरण में आरोपी नरेन्द्र सिंह उर्फ किट्टु न्यायलय से जमानत मिलने के बाद फरार हो गया था।
रिकॉल - ऐसे गोलियों से भूना था गैंगस्टर भानूप्रताप
उदयपुर जेल में बन्द गैंगस्टर भानूप्रताप सिंह को पुलिस 19 मार्च 2011 को झालावाड कोर्ट में पेशी पर ले जा रही थी। हाडौती में सक्रिय सक्रिय गैंगस्टर शिवराज सिंह हाड़ा व नरेन्द्र सिंह उर्फ किट्टू व उसके साथी सूरज सिंह, गिर्राज सिंह, मोन्टी तोमर, हरेन्द्र सिंह, अज्जू उर्फ अजय उर्फ बिन्द्रा फौजी व अल्लू उर्फ अरविन्द सिंह के साथ मिलकर बर्चस्व की लड़ाई में अपने भाई ब्रजराज सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए बिजोलिया थाना क्षेत्र में स्थित टोल नाके के आगे पुलिस गाड़ी को अपनी कारों से टक्कर मार रुकवाया था। इसके बाद अन्धाधुन्ध गोलियों की बौछार कर बन्दी भानू प्रताप सिंह की हत्या कर दी थी। इस दौरान पुलिस के जवान प्रकाश चन्द व सोहन लाल की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। जबकि अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए थे। वारदात का प्रकरण भिलवाड़ा जिले के बिजौलिया थाने में दर्ज हुआ था।
Published on:
16 Mar 2022 03:02 pm
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