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National Lok Adalat….लौटी रूठे दम्पती की खुशियां

लोक अदालत में लम्बित पारिवारिक प्रकरणों का हुआ निस्तारण

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National Lok Adalat....लौटी रूठे दम्पती की खुशियां

National Lok Adalat....लौटी रूठे दम्पती की खुशियां

झालावाड़. राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला एवं सेशन न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सेना ने पारिवारिक न्यायालय के प्रकरणों में लम्बे समय से अलग-अलग रह रहे कई दम्पतियों के मध्य आपसी मतभेदों को भुलाने के लिए समझाश की और राजीनामा करवाया गया और माला पहनाकर एवं मुंह मीठा करवाकर उन्हें भविष्य में सुखी वैवाहिक जीवन के लिए विदा किया गया। कई दम्पतियों का छोटी-छोटी बातों को लेकर वैवाहिक जीवन कांच के शीशे की तरह अर्से से टूटा हुआ था, लेकिन जिला एवं सेशन न्यायाधीश की पहल और प्रयासों से कुछ ही पल में रूठे दम्पतियों का जीवन खुशियों से आबाद हो गया। स्थिति यह थी कि जो पति और पत्नी एक-दूसरे को फूटी आंख देखना पसंद नहीं करते थे, वह जज साब के समक्ष खुशियों से खिलखिला उठे। सक्सेना ने बताया कि उक्त प्रकरणों में दम्पत्ति काफ ी लम्बे समय से अलग-अलग रह रहे थे एवं उनके मध्य तलाक की स्थिति आ चुकी थी। लोक अदालत में जिला एवं सेशन न्यायाधीश नेा दम्पत्तियों को दाम्पत्य जीवन का महत्व एवं आवश्यकता बाबत समझाइश की जाकर उनके आपसी मतभेदों को दूर कर उन्हें पुन: नव दाम्पत्य जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित किया और दोनों पक्षों के मध्य मतभेदों का निस्तारण होने से दम्पत्तियों के प्रकरणों का सुखद निस्तारण हुआ। साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत में आने वाले पक्षकारान को कोविड-19 के निर्देशों की पालना के लिए समझाइश भी गई। इस मौके पर अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, अन्य अधिवक्तागणों के अलावा कोर्ट कर्मचारी प्रशांत चतुर्वेदी, राकेश उपाध्याय, निकिता गुप्ता इत्यादि मौजूद रहे।
लम्बित 850 प्रकरणों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देश पर सम्पूर्ण झालावाड़ न्याय क्षेत्र में अतुल कुमार सक्सेना अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। सचिव जिला लोकेश कुमार शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में ऑनलाइन एवं ऑफ लाइन रूप में आयोजित की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित 2700 से अधिक प्रकरण रखे गये। सम्पूर्ण झालावाड़ न्याय क्षेत्र में कुल 14 लोक अदालत बैंचों का गठन किया जाकर सुनवाई की गयी। सम्पूर्ण झालावाड़ न्याय क्षेत्र न्यायालयों में लम्बित लगभग साढ़े आठ सौ प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर 5 करोड़ रुपए से अधिक के अवार्ड पारित किए गए।