
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने कहा, दु:ख की घड़ी में वे बिरला परिवार के साथ
कोटा. लोकसभा अध्यक्ष के पिता और ख्यात सहकार नेता श्रीकृष्ण बिरला के निधन की जानकारी मिलने पर बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत बड़ी संख्या में गणमान्य जनों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को व्यक्तिगत फोन, पत्र, ट्विटर तथा व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, दु:ख की घड़ी में वे बिरला परिवार के साथ हैं। श्रीकृष्ण बिरला के निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, थावरचंद गहलोत, प्रकाश जावडेकर, पीयूष गोयल, गजेंद्र सिंह शेखावत, हरदीप सिंह पुरी, बाबुल सुप्रियो, अनुराग ठाकुर, धर्मेन्द्र प्रधान, डॉ. जितेंद्र सिंह, मनसुख मंडविया, कैलाश चौधरी, अर्जुनराम मेघवाल, रामदास आठवले के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, एनसीपी नेता सुप्रिया सूले, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन, दयानिधी मारन, तेलगुदेशम प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू, कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह, किरोड़ीलाल मीणा, दिया कुमारी, चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत बड़ी संख्या में सांसदों, विभिन्न राज्यों के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों व आमजन ने शोक प्रकट किया।
ख्यात सहकार नेता श्रीकृष्ण बिरला की पार्थिव देह बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गई। उनके पुत्र राजेश बिरला, हरिकृष्ण बिरला, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व अन्य भाइयों ने पिता की चिता को अग्नि दी। इस दौरान बाऊजी के नाम से विख्यात श्रीकृष्ण बिरला को याद करते हुए सबकी आंखें भर आईं।
लंबी बीमारी के बाद श्रीकृष्ण बिरला का मंगलवार रात निधन हो गया था। उनकी अंतिम यात्रा बुधवार सुबह उनके सबसे बड़े पुत्र राजेश बिरला के दादाबाड़ी स्थित घर से किशोरपुरा मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई। परिवार की ओर से कोरोना गाइडलाइंस की पालना के आग्रह के बावजूद अपने चहेते बाऊजी के अंतिम दर्शन करने तथा श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। वहां परिवार की ओर से एक बार पुन: सभी से स्वास्थ्य सुरक्षा गाइडलाइन की पालना करते हुए ही श्रद्धांजलि अर्पित करने का आग्रह किया गया।
अंतिम यात्रा जिस राह से भी गुजरी वहीं लोगों ने शीश झुकाकर तो कहीं पुष्पवर्षा कर श्रीकृष्ण बिरला को अंतिम प्रणाम किया। इस दौरान अनेक लोगों ने उनकी छोटों के प्रति भी स्नेह तथा सम्मान की भावना को याद किया। इसके साथ ही सहकार क्षेत्र में नवाचार तथा सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने में उनके अद्वितीय योगदान को भी याद किया गया।
Published on:
30 Sept 2020 05:37 pm
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