7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वो घड़ी भी आई जब 2 मीटर थी रणथम्भौर टीम और टाइगर के बीच दूरी, फिर क्या हुआ…पढि़ए आगे

चार दिन से कोटा के जंगल में छिपा टाइगर ट्रेकिंग कर रही रणथम्भौर की टीम के सामने आ गया। टाइगर 110 को सामने देख टीम के सदस्यों के पसीने छूट गए।

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Zuber Khan

Jan 23, 2019

tiger

वो घड़ी भी आई जब 2 मीटर थी रणथम्भौर टीम और टाइगर के बीच दूरी, फिर क्या हुआ...पढि़ए आगे

बूढ़ादीत ( कोटा). रणथंभौर से आया बाघ 'टी 110 बुधवार को सुबह खेड़ली तंवरान गांव के पास सरसों के खेत में दिखा। रणथंभौर टीम के सदस्य हरिसिंह, मानसिंह, बहादुरसिंह व कन्हैयालाल जब टे्रकिंग करते खेत की ओर जा रहे थे तभी उनका महज 2 मीटर की दूरी पर बाघ से सामना हो गया। बाघ को देखते ही वनकर्मियों के पसीने छूट गए। स्थिति यह थी कि वह न तो भाग सकते और न ही पीछे हट सकते। चंद कदमों की दूरी पर ही मौत खड़ी थी। लेकिन, वहां कंटीली झाडिय़ां होने से बाघ उनकी ओर नहीं बढ़ सका। वे स्थान छोड़कर दूर चले गए। इस तरह से वनकर्मियों की जान बच गई।

Read More: दर्दनाक मौत: बेकाबू बस ने दो दोस्तों को कुचला, 35 फीट घिसटते रहे युवक, हंगामे के बीच 5 घंटे हाइवे जाम

इसके बाद वन्यजीव विभाग, टाइगर रिजर्व समेत कई वन अधिकारी ट्रंकुलाइजेशन संसाधन व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन, तब तक वह जंगल में चला गया। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह ग्रामीण राजेन्द्र गोचर खाळ में शौच करने गया तो उसे खेत में बाघ नजर आया। वह भाग कर गांव लौटा और ग्रामीणों को जानकारी दी। ग्रामीण खेत की ओर चल पड़े। शोर होने पर बाघ खेत में सरसों के पौधों के बीच छिप गया। उसके बाद सुल्तानपुर वनपाल रघुवीर मीणा व सहायक वनपाल देवेन्द्र पाल सिंह मय जाब्ते के पहुंचे।

OMG: कर्जा चुकाने के लिए बेच दी शुगर मिल की 400 बिघा जमीन

आला अधिकारियों को सूचित किया। इस पर कोटा उप वन संरक्षक जोधराज सिंह हाड़ा, मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक टी. मोहनराज व कोटा चिडिय़ाघर उप वन संरक्षक सुनील चिद्री, टं्रकुलाइजेशन विशेषज्ञ अखिलेश पांडेय व येतेन्द्र सिंह के साथ पिंजरा व अन्य संसाधन लेकर पहुंचे। खेत में तलाशी अभियान शुरू किया।

Bribery Case: 2.50 लाख का बिल पास करने के लिए मांगी 25 हजार की रिश्वत, सरपंच पुत्र और ग्राम सचिव गिरफ्तार

पांच घंटे चला अभियान

तीनों उप वन संरक्षकों व 50 से अधिक वनकर्मियों की उपस्थित में सुबह करीब साढ़े 11 बजे से अभियान शुरू हुआ जो सायं साढ़े तीन बजे तक चला, लेकिन बाघ का कोई मूवमेन्ट नजर नहीं आया। दो बार रिकॉर्डेड दहाड़ सुनाई, फिर भी हलचल नजर नहीं आने पर टीमों को खेत के आस-पास के हिस्सों में ट्रेकिंग के लिए भेजा। कुछ ही दूरी पर खेत से निकलने और खाळ की ओर जाने के पगमार्क मिले। फिर बाघ के पूर्व में किए शिकार की ओर जाने के पगमार्क मिले।