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मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघिन एमटी 2 की मौत

कोटा. रणथंभौर से अपने प्यार की तलाश में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व तक आए बाघ एमटी 3 की मौत के दस दिन बाद बाघिन एमटी 2 की 3 अगस्त सोमवार सुबह मौत हो गई।

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कोटा

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Deepak Sharma

Aug 03, 2020

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघिन एमटी 2 की मौत

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघिन एमटी 2 की मौत

कोटा. रणथंभौर से अपने प्यार की तलाश में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (Mukundara hills tiger reserve) तक आए बाघ एमटी 3 की मौत के दस दिन बाद बाघिन एमटी 2 की 3 अगस्त सोमवार सुबह मौत हो गई। बाघिन ने छह माह पहले ही दो शावकों को जन्म दिया था। रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ने सभी खुश थे, लेकिन दस दिन में दो बाघों की मौत ने वन विभाग के साथ वन्यजीव प्रेमियों को सदमा लगा है। साथ ही मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। मुकुंदरा रिजर्व को दर्शकों के लिए खोले जाने से पहले ही दो बाघों की मौत से पर्यटन विकास की संभावनाओं को गहरा आधात लगा है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बाघिन की मौत की पुष्टि की है। बाघिन की मौत कैसे हुई इस बारे में फिलहाल विशेष जानकारी सामने नहीं आई है वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं गौरतलब है कि यह बाघिन 82 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बाघ mt1 बन के साथ रह रही थी। इसे दिसंबर 2018 में रणथंभौर अभयारण्य से लाया गया था।

23 जुलाई को हुई थी एमटी 3 बाघ की मौत
मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में 23 july को बाघ टाइगर एमटी-3 की बीमारी के कारण असमय मौत हो गई थी। बाघ को तीन दिनों से चलने में दिक्कत हो रही थी। जिस दिन उसका इलाज करना था, सुबह छह बजे उसकी मौत हो गई। टाइगर ने रिजर्व में महादेव मंदिर के पास उसने अंतिम सांस ली। पोस्टमार्टम के बाद रिजर्व के रेस्ट हाउस के पास ही उसका अंतिम संस्कार किया गया। करीब तीन माह पहले भी उसकी तबीयत खराब हुई थी। सूत्रों के अनुसार उसके मुंह के पास घाव मिला था। उस समय उसके घाव का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बद सप्ताह से अधिक समय रिकवरी हो गई थी।