
To teach the girl brought from Assam, the maid made
कोटा की पॉस कॉलोनी आरकेपुरम के ए सेक्टर स्थित मकान में करीब तीन साल से असम निवासी उपमा डेका नाम की महिला किराए पर रह रही है। डेका अपने साथ असम की ही दस वर्षीय लड़की को पढ़ाने का झांसा देकर कोटा ले आई, लेकिन उसका स्कूल में दाखिला करवाने की बजाय घर का काम करवाया जा रहा था।
शनिवार को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष हरीश गुरुबक्शानी और चाइल्ड लाइन के शहर समन्वयक दिनेश शर्मा बाल मजदूर पर जुल्म ढ़ाने की सूचना मिली तो वह उसकी तफ्तीश करने डेका के घर पहुंचे और बच्ची के बारे में पूछताछ की तो डेका ने उन्हें किसी तरह की जानकारी होने से साफ मना कर दिया। जब टीम की महिला सदस्यों ने घर की तलाशी ली तो अंदर के कमरे में जमीन पर सोती हुई मिली। टीम के सदस्य उसे आरकेपुरम थाने लेकर गए। वहां काउंसलिंग के बाद उसे करनी नगर विकास समिति में शेल्टर कराया।
हरीश ने बताया कि महिला अपने दो बच्चों के साथ कोटा में रह रही है। उसका पति असम में ही फैक्ट्री में काम करता है। वह बालिका के परिजनों से उसे पढ़ाने और पालने की कहकर अपने साथ लाई थी, यहां उससे घर में झाडू, पोछा व बर्तन धोने के काम कराए जा रहे थे।
नहीं हो सकी शिनाख्त
महिला के पास बालिका की शिनाख्त से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं। जिन्हें मंगवाने को कहा गया है। यदि दस्तावेज नहीं दे पाएगी तो उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दी जाएगी। एअआई कमल सिंह ने बताया कि अभी तो बालिका को मुक्त कराया गया है। चाइल्डलाइन व बाल कल्याण समिति की टीम रिपोर्ट देगी उसके अनुसार महिला के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी में लाए थे
काउंसलिंग के दौरान बालिका ने टीम को बताया कि महिला का पति उसे करीब आठ-दस माह पहले असम से लेकर आया था। उसे सही ढंग से खाना भी नहीं दिया जाता। पड़ोस में किसी से भी बात करने व मलने जुलने पर मारपीट की जाती थी। शनिवार को भी महिला ने मारपीट की थी। इससे उसके चेहरे पर सूजन आ रही थी।
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