1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#Ratlam में किसानों को मिलेंगा ई-टोकन पर उर्वरक

रतलाम. शीघ्र ही किसानों को अब लाइन से निजात मिलेगी और ई-टोकन के माध्यम से खाद मिलेगा। इसके लिए 2 जनवरी को जिला स्तरीय प्रशिक्षण कलेक्टोरेट सभागृह में सुबह 11.30 बजे से दिया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को समय पर एवं पारदर्शिता पूर्वक उर्वक उपलब्ध कराने के लिए नवीन उर्वरक वितरण प्रणाली अंतर्गत ई-विकास […]

2 min read
Google source verification
E-Token News Ratlam

जिला स्तरीय प्रशिक्षण कलेक्टोरेट सभागृह में दोपहर 11.30 बज से होगा आयोजित

रतलाम. शीघ्र ही किसानों को अब लाइन से निजात मिलेगी और ई-टोकन के माध्यम से खाद मिलेगा। इसके लिए 2 जनवरी को जिला स्तरीय प्रशिक्षण कलेक्टोरेट सभागृह में सुबह 11.30 बजे से दिया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को समय पर एवं पारदर्शिता पूर्वक उर्वक उपलब्ध कराने के लिए नवीन उर्वरक वितरण प्रणाली अंतर्गत ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन) के माध्यम से उर्वरक प्राप्त हो शुरू करने जा रही हैं।

इस प्रशिक्षण में जिले के समस्त कृषि मैदानी कार्यकर्ता, आदान विक्रेता, जिला विपणन अधिकारी, जिला सहकारी बैंक, एमपी एग्रो एवं संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों को उपस्थित रहकर प्रशिक्षण में भाग लेना है। ई-विकास प्रणाली अंतर्गत किसान etoken.mpkrishi.org Portal पर जाकर अपने आधार कार्ड के माध्यम से पंजीयन करा सकेंगे। इसके बाद ओटीपी के माध्यम से सत्यापन कर एग्री स्टेक से प्राप्त भू-अभिलेख से जानकारी प्राप्त कर किसान द्वारा आधार नम्बर से प्राप्त जानकारी एवं मोबाईल नम्बर का सत्यापन कर उपलब्ध रकबा अनुसार उर्वरक एवं विक्रेता का चयन करेंगे।


इसके बाद किसान को जारी होगा एक ई-टोकन
इसके बाद किसान को एक ई-टोकन जारी होगा। इसमें किसान की भूमि एवं बोये गए रकबे के अनुसार उर्वरक की मात्रा प्रदर्शित होगी। जिसमें किसान की ओर से भरी गई जानकारी प्रदर्शित होगी, जिसे विक्रेता को दिखाया जाएगा। विक्रेता टोकन/क्यू आर कोड स्केन कर किसान को टोकन अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराएगें। उक्त प्रणाली पूरी तरह डिजिटल होगी। ये पहल डिजिटल कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो न केवल किसानों को सशक्त बनाएगी, बल्कि सरकारी संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन में भी सहायक होगी।

ई-विकास प्रणाली के लाभ

  • पारदर्शी उर्वरक वितरण प्रणाली प्रत्येक किसान का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा।
  • समय की बचत: किसान को कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
  • रियल टाइम डेटा विश्लेषणा: किसान को समय पर आवश्यकता अनुसार उर्वरक प्राप्त हो सकेगा। - डिजिटल सशक्तिकरण किसानों को तकनीकि साधनों को उपयोग करने के अवसर प्राप्त होगें।

आगामी व्यवस्था तक किसान खाद टोकन लेने नहीं आए
जिला तहसील कार्यालय से बुधवार को भी दिलीपनगर, बिरियाखेड़ी एवं एमपी एग्रो मंडी नकद खाद विक्रय केंद्र के लिए यूरिया उपलब्धता अनुसार समस्त कृषकों को टोकन वितरित किए गए हैं। जिला विपणन अधिकारी यशवर्धन सिंह ने बताया कि आगामी यूरिया रैक की जानकारी मिलने पर तहसील कार्यालय रतलाम से टोकन वितरित किए जाएंगे।


अवकाश के दिन टोकन वितरण नहीं होंगे
3 व 4 जनवरी को शासकीय अवकाश होने से टोकन वितरण नहीं किए जाएंगे। अत: दिलीपनगर, बिरियाखेड़ी एवं एमपी एग्रो मंडी नकद खाद विक्रय केंद्र पर खाद प्राप्त करने के लिए आगामी व्यवस्था तक टोकन वितरण नहीं किए जाएंगे। इसलिए कोई भी किसान तहसील कार्यालय रतलाम से आगामी व्यवस्था तक टोकन लेने के लिए नहीं आए। यूरिया रैक की जानकारी मिलने पर टोकन के लिए सूचना पृथक से एक दिन पूर्व की जाएगी।