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दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर 180 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रायल ट्रेन

नई डिजाइन के एसी-3 एकोनॉमी कोच में 83 यात्रियों के बैठने की सुविधा मिलेगी
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कोटा.

दिल्ली-मुंबई मार्ग पर पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में नई डिजाइन के एलएचबी कोच ट्रायल के लिए तीन कोच की आरडीएसओ ट्रायल स्पेशल ट्रेन 180 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ी। आरडीएसओ, लखनऊ के अधिकारियों की देखरेख में ट्रायल किया गया। ट्रायल का कार्य 24 फरवरी 2021 को शुरू हुआ। इसके बाद गुरुवार को कोटा से महिदपुर तक ट्रायल ट्रेन को 120 किमी प्रति घंटे से लेकर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर देखा गया। ट्रायल के दौरान स्पीड की सुई कई बार 185 तक की रफ्तार को छू गई। करीब 205 किमी की दूरी तक किया ट्रायल। इस रैक में एलएचबी कोच के साथ दो कोच आरडीएसओ की टीम के थे। तेज दौड़ती ट्रेन में अधिकारियों में उत्साह देखा गया।

इसका परीक्षण सफल होने पर इस कोच का डिजाइन स्वीकृत होगा और फिर कोचों का निर्माण शुरू हो सकेगा। इस कोच 83 यात्री बैठ सकेंगे और यह एसी तृतीय एकोनॉमी श्रेणी का कोच रहेगा।

ट्रायल के लिए कोटा मंडल में बेहतर टे्रक-
कोटा मंडल का यह ट्रेक देश के बेहतर रेलमार्गों में शामिल है। इसलिए इससे पहले भी यहां नई कोचों के रैक का रफ्तार परीक्षण होता रहा है। इससे पहले 15 दिसम्बर 2020 से 6 जनवरी 2021 तक भी एचएलबी कोचों के रैक का ट्रायल कोटा मंडल में किया गया। नई डिजाइन के इन कोचों का रैक बनाकर पहले दिन कोटा-नागदा रेलखंड में 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से परीक्षण किया गया। उसके बाद 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। इससे पहले मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत तैयार की गई भारतीय रेल की सेमी हाईस्पीड ट्रेन-18 का भी कोटा मंडल में परीक्षण किया गया था।