22 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्वर्ग में बढ़ रही टेंशन, भगवान बुला रहे हास्य कवि, कोटा में सुरेन्‍द्र दुबे को दी श्रद्धांजलि

कोटा. देश के नामचीन हास्यकवि सुरेन्द्र दुबे के असामयिक निधन पर कोटा शहर के कवि, साहित्यकारों ने श्रद्धांजलि दी।

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Deepak Sharma

Jan 03, 2018

Tribute to Hasya Kavi Surendra Dubey

Tribute to Hasya Kavi Surendra Dubey

कोटा . देश के नामचीन हास्यकवि सुरेन्द्र दुबे के असामयिक निधन पर कोटा शहर के कवि, साहित्यकारों ने श्रद्धांजलि दी। सरस्वती कॉलोनी में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता कवि जगदीश सोलंकी ने की। हास्य कवि धर्मेन्द्र सोनी ने कहा कि हास्य कवियों के दिनमान खराब चल रहे हैं। कई हास्य कवि भगवान ने अपने पास इसलिए बुला लिए, क्योंकि स्वर्ग में भी टेंशन चल रही है।


Read More: OMG ! अब भगवान के दर्शन के लिए भी टैक्स

इस दौरान राजस्थानी गीतकार दुर्गादान सिंह गौड़ ने कहा कि सुरेन्द्र दुबे केवल हास्य कवि ही नहीं थे, अपितु वे समाजोपयोगी साहित्य की भी रचना करते थे। जगदीश सोलंकी ने उनके साथ की साहित्यिक यात्राएं की। उन्होंने दुबे को नेकदिल इंसान और स्नेहिल व्यक्तित्व बताया। गीतकार मुकुट मणिराज ने कहा कि सुरेन्द्र दुबे एक ओर मंच के बादशाह थे, वहीं दूसरी ओर एक चिंतनशील रचयिता भी थे। देश के बड़े मंच संचालकों में उनका नाम सर्वोपरि था। गोविंद हांकला ने कहा कि काव्य मंचों की एक बड़ी हस्ती चली गई। निशामुनि गौड़ ने कहा कि उन्होंने नवोदित प्रतिभाओं को आगे बढ़़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर गोरस प्रचंड, प्रेम शास्त्री, मुरलीधर गौड़, डॉ. ओम नागर, राजेन्द्र पंवार, सत्येन्द्र वर्मा, किशन वर्मा, भूपेन्द्र राठौर, आनंद हजारी आदि मौजूद रहे। अंत में दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई।

Read More: फिल्मों में छाया तो खूब रास आया कोटा, नए साल पर हजारों पर्यटकों को भाया कोटा

एक नाम के चलते प्रशंसक असमंजस में
सोशल मीडि‍या में जयपुर के कवि‍ सुरेन्‍द्र दुबे के नि‍धन की खबर में छत्तीसगढ़ के जानेमाने हास्य कवि सुरेंद्र दुबे की फोटो देखकर प्रशंसक असमंजस में पड गए। जानने वालों ने छत्‍तीसगढ नि‍वासी सुरेन्‍द्र दुबे को फोन लगा दि‍या तब हकीकत का पता चला। उन्होंने कवि सुरेंद्र दुबे को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ये मेरे बहुत अच्छे मित्र थे। उनके साथ मैंने कई कवि सम्मेलनों में शिरकत की है. रायपुर और दुर्ग भी कई बार वे काव्य पाठ के लिए आ चुके हैं. उनके निधन से काव्य जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।