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बारिश के बाद पानी ने बदला रंग

कोटा.बारिश का दौर थमें सप्ताह भर से अधिक का समय हो गया, लेकिन चंबल में पानी का मेलापन दूर नहीं हो रहा है। बारिश के बाद चंबल के पानी में आई टर्बिडिटी के कारण पानी का रंग ही बदल गया है। इससे शहर के दोनों जलशोधन केन्द्रों में शोधन कार्य प्रभावित हो रहा है।

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कोटा

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Hemant Sharma

Aug 20, 2021

chambal dirty water

बारिश के बाद पानी ने बदला रंग

कोटा.बारिश का दौर थमें सप्ताह भर से अधिक का समय हो गया, लेकिन चंबल में पानी का मेलापन दूर नहीं हो रहा है। बारिश के बाद चंबल के पानी में आई टर्बिडिटी ( गंदलापन) के कारण पानी का रंग ही बदल गया है। इससे शहर के दोनों जलशोधन केन्द्रों में शोधन कार्य प्रभावित हो रहा है। जलदाय विभाग चंबल से इस टर्बिडिटी के कम होने का इंतजार कर रहा है, ताकि 24 घंटे जलापूर्ति वाले शहर में फिर से जलापूर्ति सामान्य रूप से की जा सके।

रावतभाटा रोड व सकतपुरा स्थित जलशोधन केन्द्रों से प्रतिदिन लगभग 430 एमएलडी जल शोधन होता है, लेकिन टर्बिडिटी के कारण शोधित जल की मात्रा 50 एमएलडी के करीब गिर गई है। इसका असर शहर में की जा रही जलापूर्ति पर पड़ रहा है। जलदाय विभाग के अनुसार अभी भी 50 से 80 एनटीयू टर्बिडिटी बनी हुई है। साधारण दिनों चंबल के पानी में 5 से 20 एनटीयू टर्बिडिटी रहती है।

इतना कम मिल रहा पानी

रावतभाटा रोड स्थित अकेलगढ़ में आमतौर पर 300 एमएलडी जल का शोधन किया जाता है। सकतपुरा स्थित मिनी अकेलगढ़ से 130 एमएलडी की क्षमता से जलशोधन होता है, लेकिन दोनों मिलाकर करीब 380 एमएलडी जल का शोधन किया जा रहा है। विभाग के अधिशासी अभियंता भारत भूषण मिगलनी व श्याम माहेश्वरी के अनुसार बारिश में यह टर्बिडिटी 80 से 120 तक पहुंच गई थी।

हो रहा है असर

अधिशासी अभियंता माहेश्वरी के अनुसार जलशोधन कार्य प्रभावित होने से कुछ कॉलोनियों में कम दबाव व कहीं एक पारी में जलापूर्ति कर रहे हैं। स्थिति सामान्य होने पर जलापूर्ति भी सामान्य कर दी जाएगी।