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कोटा में बनेंगे बच्चों के दो अस्पताल

नए साल में कोटा में एक नहीं, वरन दो बच्चों के अस्पताल बनकर तैयार हो जाएंगे। इससे हाड़ौती समेत मध्यप्रदेश व अन्य जिलों से सटे जिलों से आने वाले बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।      

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कोटा

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Abhishek Gupta

Jan 02, 2021

कोटा में बनेंगे बच्चों के दो अस्पताल

कोटा में बनेंगे बच्चों के दो अस्पताल

कोटा. नए साल में कोटा में एक नहीं, वरन दो बच्चों के अस्पताल बनकर तैयार हो जाएंगे। इससे हाड़ौती समेत मध्यप्रदेश व अन्य जिलों से सटे जिलों से आने वाले बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि जेके लोन अस्पताल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 30 करोड़ की लागत से 156 बेड का नवीन इंडोर-ओपीडी ब्लॉक बनेगा। इसका काम शुरू हो चुका है। नए अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील ने बताया कि जबकि नए अस्पताल में 100 बेड का नया मदर एण्ड चाइल्ड अस्पताल का निर्माण होगा। इसके टेण्डर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यदि कोरोना के चलते कोई रुकावट नहीं हुई तो इस साल यह भवन बनकर तैयार हो जाएगा। इससे कोटा की आदी आबादी को इसका लाभ मिलेगा।

ऐसे होंगे अस्पताल
-फैक्ट फाइल
- जेके लोन अस्पताल
- नवीन इंडोर-ओपीडी ब्लॉक
- 26.25 करोड़ कार्यादेश राशि (निर्माण अवधि 18 माह )

नवीन इंडोर भवन
- क्षेत्रफल- 97,165.00 वर्गफीट
- बेसमेट- 27 चौपहिया व 60 दुपहिया वाहनों की पार्किं ग का प्रावधान
- भूतल- 4 रजिस्ट्रेशन काउंटर, दवा काउंटर व कॉन्फ्रेंस हॉल, 2 सामान्य वार्ड- प्रथम तल
- 4 सामान्य वार्ड, 1 प्राइवेट वार्ड
- द्वितीय तल- 3 वातानुकूलित (एनआईसीयू) व 1 एमएनसीयू, 1 प्रावइेट वार्ड- तृतीय तल
- 3 पीआईसीयू, वातानुकूलित क्लासरूम

नवीन ओपीडी ब्लॉक- क्षेत्रफल- 48827.00 वर्गफीट- बेसमेंट- 23 चौपहिया, 60 दुपहिया वाहनों की पार्र्किंग का प्रावधान- भूतल- रजिस्ट्रेशन, प्रसूति/ जेएसएसवाई वार्ड, दवा काउंटर, ओपीडी ऐन्टीनेंटल क्लीनिक, डायग्नोस्टिक लैब- प्रथम तल- 1 पीडियाट्रिक इमरजेंसी वार्ड, माइनर ओटी, पीडियाट्रिक मेडिसिन ओपीडी - द्वितीय तल- स्त्री व प्रसूति रोग इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू वार्ड, ओपीडी।

मदर एण्ड चाइल्ड अस्पताल
- यहां 70 प्रतिशत माताओं व 30 प्रतिशत शिशुओं का उपचार होगा।
- महिलाओं की डिलेवरी, ऑपरेशन होंगे।
- मदर मिल्क बैंक कक्ष होगा।
- नीकू -पीकू वार्ड बनेगा।
- अलग से कोटेज वार्ड भी बनेंगे।
- एनएचआरएम से 17.50 करोड़ की राशि स्वीकृत
- सेंटर दो मंजिला बनेगा।
-100 बेड की सुविधा होगी।
- 100 बाई 100 मीटर पर जमीन पर सेंटर बनेगा।

एमबीएस अस्पताल में होगा सुविधा का विस्तार
संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में भी सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। मरीजों को कतारों से मुक्ति मिलेगी। जांचों से लेकर अन्य सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी। यहां नवीन ओपीडी ब्लॉक 40 करोड़ की लागत से बनेगा। इसका भी काम चल रहा है। इसका काम भी इस साल पूरा हो जाएगा।