कोटा. फूड इंस्पेक्टर कहां रहते हैं, क्या काम करते हैं, किसी को पता नहीं चलता। धारीवाल ने मौजूद लोगों से पूछा कि किसी ने सालभर में फूड इंस्पेक्टर को देखा है क्या तो लोग बोले केवल मावे की दुकानों पर दिखते हैं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी का उदाहरण देते हुए यह बात रविवार को स्टेशन रोड स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान के पीछे मिनी स्वास्थ्य भवन के लोकार्पण समारोह में कही।
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स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा चिकित्सा विभाग के सभी कार्यालय एक छत के नीचे आने से कोटा के विकास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। अब चिकित्सा सेवाओं की बेहतर तरीके से मॉनीटरिंग होगी और जनता को एक ही स्थान पर योजनाओं का लाभ मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय पर विभाग की अनेक विंग अलग-अलग स्थान पर होने से आमजन को परेशानी होती थी। धारीवाल ने कहा कि अब संयुक्त निदेशक से लेकर खाद्य निरीक्षक तक एक स्थान पर बैठकर कार्य कर सकेंगे। सभी कर्मचारी एक छत के नीचे रहकर काम करेंगे तो अधिकारियों की मॉनिटरिंग भी रहेगी। अधिकारी आपसी समन्यवय से कार्य करते हुए लोगों को लाभान्वित करें। उन्होंने जिला कलक्टर की ओर इशारा करते हुए नए भवन का रास्ता बेहतर बनाने की बात कही।
इससे पूर्व उन्होंने 3.75 करोड़ की लागत से नवनिर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। उन्होंने भवन का अवलोकन भी किया। जिला कलक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यक्रमों को गति देने के लिए विभाग की सभी इकाइयों के एक स्थान पर आने से तालमेल बढ़ेगा।
ऐसा होगा भवन
सीएमएचओ डॉ. आर.के. लवानिया ने बताया कि सरकार ने मिनी स्वास्थ्य भवन के लिए 10 करोड़ 16 लाख का बजट प्रस्तावित किया था। इसके तहत जी प्लस 4 (ग्राउंट फ्लोर से 4 मंजिला) भवन की स्वीकृति मिल थी। फिलहाल पहले चरण में दो मंजिला इमारत बनी है। इसमें 3 करोड़ 75 लाख खर्च किए गए। इसमें 44 कमरे, 8 सुविधाघर, संयुक्त निदेशक, सीएमएचओ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, खाद्य निरीक्षक, एनयूएचएम, सांख्यिकी, लेखाधिकारी, स्टोर, रिकॉर्ड कार्यालय, बैठक कक्ष का निर्माण किया गया है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका, हाड़ौती विकास मोर्चा के संभागीय अध्यक्ष राजेन्द्र सांखला, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरीश वर्मा, संयुक्त निदेशक डॉ. हमेन्द्र विजयवर्गीय, उपनिदेशक डॉ. एमपी सिंह, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. गिरधर गुप्ता, डॉ. रामजीलाल आदि मौजूद थे। संचालन आरसीएसओ डॉ. महेन्द्र त्रिपाठी ने किया।