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Chambal Riverfront : छाता लेकर बरसात में बाहर निकले यूडीएच मंत्री

कोटा में दुनिया की झलक दिखाने वाला बन रहा है चम्बल रिवरफ्रंट 800 करोड़ से अधिक राशि हो रही है खर्च, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने देखे विकास कार्य

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Chambal Riverfront : छाता लेकर बरसात में बाहर निकले यूडीएच मंत्री

Chambal Riverfront : छाता लेकर बरसात में बाहर निकले यूडीएच मंत्री

कोटा.
अमूमन अधिकतर नेता चलती बरसात में शहर या अपने क्षेत्र में निरीक्षण के लिए बाहर निकलने से बचते हैं, लेकिन राजस्थान के यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल अन्य नेताओं से थोड़े अलग है। बरसात हो या तूफान, वे मौके पर जाने से नहीं चूकते। अधिक बार ऐसा ही देखा गया कि जयपुर से कोटा आने पर वे घर जाने से पहले ही वे विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंच जाते हैं।


रविवार तड़के कोटा मेंं तेज बरसात के दौरान भी यूडीएच मंत्री छाता लेकर शहर में निकल पड़े। अपने साथ यूआईटी, स्मार्ट सिटी के अफसरों व कई लोगों को भी छाता लेकर बुला लिया। उनकी यह मंशा थी कि बरसात के दौरान शहर के कैसे हालात बनते हैं। करोड़ों के विकास कार्य, अंडरपास बन रहे हैं, वहां पर बरसात के दौरान क्या स्थिति रहती है, हालात को मौके पर जाकर देखा जाए। इसलिए वे चम्बल रिवरफ्रंट एवं शहर के अन्य विकास कार्यों को देखने चले गए। बरसात में शहर की सड़कों की स्थिति कैसी है, कहां पर पानी भर रहा है, जनता को कितनी परेशानी हो रही है, इसको भी करीब से देखा।


गौरतलब है कि कोटा में चम्बल रिवरफ्रंट योजना पर 800 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च हो रही है। चम्बल नदी पर 2.75 किमी लम्बा रिवरफ्रंट बनाया जा रहा है। इस रिवरफ्रंट की थीम दुनिया के सभी रिवरफ्रंट से बिल्कुल अलग है। यहां मनोरंजन ज्ञान के साथ-साथ देश दुनियां के देशों की झलक भी यहां देखने को मिलेगी। रिवरफ्रंट पर चम्बल माता गार्डन भी बनाया जा रहा है। इसमें 20 मीटर के पेडेस्टल पर 40 मीटर ऊंची चम्बल माता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह अपनी तरह की पहली प्रतिमा होगी।

कोटा बैराज के पास बनने वाले इस गार्डन में विश्व स्तरीय फाउंटेन शो का निर्माण किया जा रहा है। इसका व्यास 40 मीटर होगा। मैसूर के वृंदावन गार्डन की तर्ज पर आधुनिक तकनीक के साथ इसका निर्माण किया जा रहा है। उद्यान के पूर्वी छोर पर संग्राहलय का निर्माण किया जा रहा है। जहां रिवरफ्रंट के मॉडल प्रदर्शन के साथ कोटा के विकास की गाथा और कला संस्कृति की झलक दिखेगी। गार्डन में आने वाले पर्यटकों के लिए पार्किंग ओर अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

देश दुनिया के देशों की झलक-

राजस्थान के कोटा में चम्बल नदी पर घाटों के संगम से बनेगा रिवरफ्रंट। पूरी योजना पर करीब 800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पूर्वी छोर पर 14 घाटों और उत्तरी छोर पर 12 घाटों का निर्माण किया जाएगा। यहां मनोरंजन और ज्ञान के साथ-साथ देश दुनिया के देशों की झलक भी यहां देखने को मिलेगी।


कोटा में हो रहे करोड़ों के विकास कार्य-
राजस्थान के तीसरे शहर व यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के गृह क्षेत्र कोटा चम्बल रिवरफ्रंट के अलावा करोड़ों के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। इसमें चौराहों का सौन्दर्यकरण के अलावा अंडरपास इत्यादि कार्य शामिल है। अदालत चौराहा, विवेकानन्द चौराहा, नयापुरा चौराहा, घोड़े वाला बाबा सर्किल, एरोड्राम सर्किल अंडरपास, ऑक्सीजोन, सिटीमॉल ऐलिवेटेड रोड, गोबरिया बावड़ी अंडरपास एवं अनंतपुरा एलिवेटेड रोड, मल्टीलेवल पार्किंग, जयपुर गोल्डन पार्किंग, अंटाघर अंडरपास, इंदिरा गांधी चौराहा, अकेलगढ़ योजना, देवनारायण नगर योजना, सकतपुरा वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट, श्रीनाथपुरा वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट, एमबीएस अस्पताल में नई ओपीडी निर्माण, जेेकेलोन अस्पताल ओपीडी सहित कई विकास कार्य चल रहे हैं।

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