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कोटा. पोक्सो क्रम- 5 न्यायालय ने छेड़छाड़ के मामले में आरोपी चाचा को दोषी मानते हुए गुरुवार को 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पर 10000 का जुर्माना भी लगाया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि शहर के एक थाने में एक 15 वर्षीय पीडि़ता ने 3 अगस्त 2019 को उसके चाचा के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया था कि वह अपने माता-पिता के साथ रहती है। 9 अप्रेल 2019 की शाम वह कमरे में सो रही थी तभी आरोपी चाचा उसके पास आया और बलात्कार का प्रयास किया। पीडि़ता ने यह बात बुआ को बताई।
तब बुआ ने चाचा से माफी मंगवा कर मामला शांत कर दिया। लेकिन 14 जुलाई को चाचा ने उसके साथ फिर छेड़छाड़ करने का प्रयास किया। उसने शोर मचाया तो धमकी दी कि किसी को बताया तो उसे जान से मार देगा। उसका गला दबाने का प्रयास किया और भाग गया। 15 जुलाई को पीडि़ता ने माता-पिता को सब बता दिया। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी चाचा के खिलाफ धारा 354, 354ं में मुकदमा दर्ज कर जांच की। अनुसंधान के बाद पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। ट्रायल के दौरान न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। न्यायाधीश ने आरोपी चाचा को भतीजी के साथ छेड़छाड़ के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
Published on:
20 May 2022 04:42 pm

