शहर के राजरानी टावर में शनिवार दोपहर भाजपा कोटा शहर और उद्योग एवं आर्थिक प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में केंद्रीय बजट को लेकर परिचर्चा आयोजित की गई। मुख्य अतिथि भाजपा उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रघुनाथ अग्रवाल ने कहा कि अमृतकाल का पहला आम बजट 2023-24 लोक कल्याणकारी बजट है।
यह गांव, गरीबों, किसानों, दलितों, वंचितों व दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और देश के समग्र विकास को समर्पित है। अध्यक्षता करते हुए विधायक संदीप शर्मा ने केंद्रीय बजट को विकासोन्मुखी बताया। विशिष्ट अतिथि एसएसआई एसोसिएशन के संरक्षक गोविन्दराम मित्तल, भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनी, डॉ. केपी सिंह, विकास शर्मा, अक्षय शर्मा, जगदीश जिंदल व मुकेश विजय समेत अन्य शामिल थे।
राज्य बजट चुनावी हैइधर, राज्य बजट पर अग्रवाल ने कहा कि यह चुनावी बजट है। राज्य चुनावी घोषणा पत्र के वादे तक पूरे नहीं कर सकी। ऐसे में आगामी छह माह में राज्य सरकार घोषणाओं को कैसे पूरा करेगी? इस पर सवालिया निशान है। विधायक शर्मा ने कहा कि कोटा में केडीए की घोषणा पूरी नहीं हुई।
शहर के लिए 10 करोड़ रुपए की सड़कों की घोषणा भी पूरी नहीं की गई। शहर का अधिकांश बजट चंबल रिवरफ्रंट व एक सड़क पर खर्च कर दिया, जबकि चंबल के बने राज्य के तीनों बांधों की समयावधि निकल चुकी है। शहर की गलियों की सड़कें बदहाल हैं। उद्योग, रोजगार, शिक्षा के क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ। प्रदेश का कर्ज बढ़कर 5 लाख 80 हजार करोड़ रुपए हो चुका है।