कोटा. ज्येष्ठशुक्ल पूर्णिमा पर शयन आरती के साथ रामपुरा स्थित जगदीश मंदिर के कपाट बंद हो गए। अब 20 जून को रथ यात्रा महोत्सव के मौके पर भगवान रथ में सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। परम्परा के अनुसार पूर्णिमा पर शुभ मुहूर्त में एसके जगन्नाथ व एसके श्रीनाथन के सान्निध्य में भगवान को 108 कलशों के जल से स्नान करवाया।
श्रृंगार व पूजन कर 200 किलो आम का भोग लगाया। शाम को संध्या आरती की गई। रात शयनआरतीके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए। अब 18 जून को 5 मिनट के लिए ठाकुरजी के दर्शन करवाए जाएंगे। 19 जून को शुद्धि हवन होगा। 20 जून को रथयात्रा महोत्सव मनाया जाएगा। वेदमंत्रों के साथ ठाकुरजी का अभिषेक किया जाएगा। ठाकुरजी के रथ में दर्शन करवाए जाएंगे। इससे पहले 14 दिन तक भगवान क्वारंटीन रहेंगे। मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर देते हैं। अब प्रतिदिन वैद्यजी ठाकुरजी के स्वास्थ्य को जांचने आएंगे।
ऐसा इसलिए
दरअसल ठाकुरजी की सेवा बाल भाव से की जाती है। ऐसे में माना जाता है कि अधिक आमरस व स्नान से ठाकुरजी का स्वास्थ्य नरम हो जाता है। इस िस्थति में ठाकुरजी के विश्राम में कोई खलल न पड़े, मंदिर के 14 दिन के लिए बंद रखते हैं। घंटे-घडि़याल भी नहीं बजाते हैं। परम्पराओं के अनुसार प्रतिदिन वैद्य ठाकुरजी के स्वास्थ्य को जांचने आते हैं। यह क्रम आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक चलता है। शुक्ल प्रतिपदा पर मंदिर में शुदि्ध हवन कर रथयात्रा महोत्सव पर ठाकुरजी रथ में सवार होकर श्रद्लालुओं को दर्शन देते हैं।
श्रीपुरा से निकाली जाएगी रथयात्रा
इधर पारीक पंचायत की ओर से भी रथयात्रा महोत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर श्रीपुरा िस्थत समाज के जगदीश मंदिर से भगवान की सजीले रथ में यात्रा निकाली जाएगी।अध्यक्ष रासबिहारी पारीक ने बताया कि 20 जून को श्रीपुरा स्थित जगदीश मंदिर रथयात्रा प्रारंभ होकर विभन्न मार्गाें से होते हुए मंदिर पहुंचेगी। आयोजन की तैयारियां की जा रही है। विभिन्न समितियों का गठन कर कार्यभार का विभाजन किया।
यात्रा के लिए विशेष रथ बनाया जा रहा है। महामंत्री अशोक पारीक ने बताया कि रथयात्रा में यात्रा में बैंड,घोड़े, ऊंट गाड़ियां जिन पर बटुक वेदपाठ करते हुए जीवंत झांकियां, महर्षि पाराशर की झांकी होगी। भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचते हुए जयघोष के साथ नगर परिक्रमा पर निकली जाएगी। इस अवसर पर मंदिर परिसर को विद्युत आभा से सुसज्जित कर भगवान जगन्नाथ का फूलों से श्रृंगार किया जाएगा ।