
किसान आंदोलन के बीच हाड़ौती में यूरिया की राशनिंग
कोटा। हाड़ौती में रबी की फसलों के लिए यूरिया की भारी मांग बढ़ गई है। मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने के किसान यूरिया के लिए भटकने को विवश हो रहे हैं। मांग के चलते यूरिया की राशनिंग कर दी है। एक किसान को अधिकतम 20 बैग यूरिया की दिया जा रहा है। इसके चलते कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। अब निगरानी के लिए सीएडी और नॉन सीएडी में अधिकारियों की टीमों का गठन कर दिया गया है, जो खाद विक्रेताओं के यहां से प्रतिदिन स्टॉक और वितरण की जानकारी ले रहा हैं। कोटा खण्ड में इस बार रबी के सीजन में 11.15 लाख हैक्टेयर में फसलों की बुवाई है। इसमें ससबे अधिक बुवाई गेहूं की बुवाई है। गेहूं में दिसम्बर और जनवरी में यूरिया जाता है। इससे ज्यादा मांग अभी हैं। क्योंकि बुवाई के बाद गेहूं की फसल में पिलाई से पहले दिया जाता है। इससे गेहूं की फसल की वृद्धि अच्छी होती है। कड़ाके की सर्दी के चलते किसान पाला पडऩे से बचाव के लिए किसानों की पानी देने की आपाधापी मची है। इस कारण एक साथ यूरिया की मांग बढ़ गई है। इसके चलते जिला कलक्टर ने पिछले दिनों यूरिया के वितरण की राशनिंग की व्यवस्था लागू की है। इसमें एक किसान को 20 बैग की यूरिया दिया जाएगा। इसका उल्लंघन करने पर उर्वरक विक्रेता के खिलाफ अनुज्ञा पत्र निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। आदेश जारी होने के बाद जिलेभर में उर्वरक विक्रेताओं के यहां जांच की गई। इसमें आधा दर्जन खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलम्बित कर दिए गए हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसान आंदोलन के लिए दूसरे राज्यों से यूरिया की जो रेलवे से रैक आती थी, उसकी आपूर्ति प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि कोटा में ही यूरिया उत्पादन का सबसे बड़ा प्लांट है। इसलिए किसानों को यहां से यूरिया की आपूर्ति की जानी चाहिए।कृषि विभाग के उप निदेशक रामनिवास पालीवाल का कहना है कि किसानों को अधिकतम 20 बैग यूरिया ही दिया जाना है। इस संबंध में आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद जांच की गई तो चार-पांच विक्रेताओं ने यूरिया के 20 बैग से अधिक यूरिया देना पाया गया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। निरंतर जांच की जा रही है। किसान अनावश्यक स्टॉक नहीं करें। खाद की कमी नहीं है।
Published on:
22 Dec 2020 05:58 pm
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