कोटा. सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत के स्वदेशी अत्याधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम का कोटा रेल मंडल की पटरियों पर सात दिन में 177 बार परखा गया। ब्रेकिंग सिस्टम की कड़ी परीक्षा में यह सफल माना जा रहा है। हालांकि ब्रेकिंग सिस्टम का अधिकृत प्रमाण पत्र आरडीएसओ की रिपोर्ट पर रेलवे बोर्ड जारी करेगा।
कोटा रेल मंडल में स्वदेशी तकनीक से विकसित किए गए ब्रेकिंग सिस्टम की विभिन्न मौसम, गति, परििस्थति के अनुसार कड़ी परीक्षा ली गई। इसमें पहले चरण में 21 मई को ट्रेन के कोटा पहुंचने के बाद 22 से 26 तक अनुसंधान अभिकल्प मानक संगठन, लखनऊ, रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्डाइजेशन आफ इंटीग्रल कोच फैक्ट्री और कोटा रेलवे क कर्मचारियों ने मिलकर किया। इस चार दिवसीय परीक्षण में 130 बार ब्रेकिंग सिस्टम का ट्रायल किया गया। इसके बाद 28 से 30 मई तक आरडीएसओ की टीम ने स्वतंत्र रूप से इसका परीक्षण किया। इस दौरान ट्रेन का अधिकतम 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ाकर गाली, सूखी व घुमावदार पटरियों पर परीक्षण किया गया।
आज यहां हुआ ट्रायल
कोटा रेल मंडल के सवाईमाधोपुर खंड में गुड़ला व लाबान स्टेशन के बीच मंगलवार को अप व डाउन दिशा में 9 बार 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से एवं 11 बार 60 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से परीक्षण किया गया। अंत में कोटा यार्ड में खड़ी स्थिति में पार्किंग ब्रेकपरीक्षण किया गया।
रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट भेजेगा आरडीएसओ
ब्रेकिंग सिस्टम ट्रायल में एकत्र किए गए डेटा को आरडीएसओ की टीम एक रिपोर्ट बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजेगी। यह ब्रेकिंग ट्रायल आरडीएसओ, लखनऊ के निर्देशक टेस्टिंग मनोज कुमार के निर्देशन एवं कोटा मंडल के सबंधित विभाग के अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की निगरानी में पूरा हुआ। ट्रायल में कोटा के ट्रैफिक निरीक्षक अरविंद पाठक एवं लोको निरिक्षक पदम सिंह ने आरडीएसओ की टीम को-आर्डिनेट किया।