
Vidya Sambal Yojana: सीएम की घोषणा के बावजूद शिक्षकों को नहीं मिला वेतन
कोटा. विद्या संबल योजना के अन्तर्गत राज्य के अधिकतर राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक आचार्य को नियुक्ति के बाद से लगभग 4 महीनों से वेतन नहीं मिला है। जबकि 17 जनवरी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 14 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी जारी कर थी। इसके बावजूद अभी तक कई शिक्षकों के खातों में वेतन नहीं हस्तांतरित हो सका। शिक्षक आज भी वेतन को लेकर इंतजार कर रहे है।
राज्य में इस योजना के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयों में रिक्त पड़े पदों पर लगभग 800 सहायक आचार्य की नियुक्ति मेरिट व यूजीसी रेगुलेशन-2018 के आधार पर की गई थी। इसमें पीएचडी व अनुभवी व्याख्याताओं को लगाया गया था। इससे राज्य के लाखों विद्यार्थियों को नियमित कक्षा मिल रही है।
प्राचार्य नहीं करवा रहे उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर
इस योजना में कार्यरत सहायक आचार्यों का कहना है कि वे नियमित महाविद्यालय आकर कक्षाएं ले रहे है, परन्तु ज्यादातर महाविद्यालय के प्राचार्य ने उनके लिए उपस्थिति रजिस्टर ही नहीं बनवाया है। इससे वे अपने नियमित हस्ताक्षर नहीं कर पा रहे है। वे कॉलेज में आकर उपस्थिति बच्चों से एक खाली कागज में अपने नाम लिखवाते है। उसके बाद वे खुद हस्ताक्षर कर विभागाध्यक्ष को देते है, फिर वे प्रमाणित करते है।
इन जिलों के महाविद्यालयों में ज्यादा समस्या
राज्य के कोटा, इटावा, रावतभाटा, बूंदी जिले के हिंडोली, बारां, अंता, छाबड़ा, झालावाड़, पिड़ावा भवानीमंडी, मौसदा अजमेर, रतनगढ़, फ लोदी, शपुरा, जालोर, जोधपुर, अलवर, चुरू, कपासन चितौडगढ़़, जैसलमेर, बाड़मेर, हनुमानगढ़
इनका यह कहना
राज्य के महाविद्यालयों में विद्या सम्बल योजना में कार्यरत शिक्षकों को वेतन बजट जारी कर दिया है। यदि जिन कॉलेज ने डिमांड नहीं भेजी। उनको बजट जारी नहीं हुआ होगा या बाद में योजना में शिक्षक लगाए है तो उन्हें दूसरे चरण में राशि जारी करवाई जाएगी।
- अलका भाटिया, योजना हैड, आयुक्तालय, जयपुर
Published on:
15 Feb 2022 12:39 pm
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