
1.5 करोड़ की बिजली चोरी,तरीका जानकर उड़ जाएंगे होश,1.5 करोड़ की बिजली चोरी,तरीका जानकर उड़ जाएंगे होश
कोटा/रामगंजमंडी. जयपुर डिस्काम की कोटा विजिलेंस ने रामगंजमंडी के अमरपुरा औद्योगिक क्षेत्र में तीन स्टोन इकाइयों पर छापा मारकर 1.52 करोड़ की बिजली चोरी पकड़ी है। उद्यमियों ने ट्रांसफार्मर से निकल रही सप्लाई लाइन में ही कट लगाकर मशीनों को सीधी सप्लाई दे रखी थी। जिसके बाद विजिलेंस की टीम तीनों औद्योगिक संस्थानों के ट्रांसफार्मर भी उतरवा कर ले गई।
जयपुर डिस्काम के आला अफसरों को अमरपुरा औद्योगिक क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। डिस्काम के जोनल चीफ इंजीनियर क्षेमराज मीणा ने बताया कि गोपनीय जांच कराने पर शिकायतें सही पाई गई। जिसके बाद गुरुवार को अधिशासी अभियंता विजिलेंस शिव चरण जांगिड़ को जाप्ते के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता विजिलेंस शिव चरण जांगिड़ ने बताया कि विजिलेंस टीम ने जब गहनता से जांच की तो पता चला कि दोनों पत्थर इकाईयों में ट्रांसफार्मर से मीटर रूम जा रही केबल को बीच से काटकर इकाई में लगी मशीनों तक सीधे बिजली की सप्लाई की जा रही थी। दोनों मामलों में शिवा स्टोन फेक्ट्री पर 1 करोड़ 26 लाख की शास्ति आरोपित की गई है।
ट्रांसफार्मर से सीधे जोड़ी मशीनें
जांगिड़ ने बताया कि तीसरी स्टोन पॉलिस इकाई मैसर्स छीतरमल में तो ट्रांसफार्मर से मशीनों के लिए बिजली की सीधे सप्लाई कर रखी थी। इस इकाई पर 26 लाख की शास्ति आरोपित की गई है। तीनों कोटा स्टोन इकाईयों के कनेक्शन काटकर ट्रांसफार्मर उतार लिए गए हैं।
विद्युत कर्मियों पर संदेह
चीफ जोनल इंजीनियर क्षेमराज मीणा ने बताया कि अमरपुरा औद्योगिक क्षेत्र में डिस्काम का कार्यालय स्थापित है। जहां कनिष्ठ अभियंता से लेकर लाइन मैन तक तैनात हैं। ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जानकारी उन्हें नहीं हुई यह थोड़ा संदेहास्पद है। ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई सीधे पत्थर इकाईयों में लगी मशीनों तक पहुंचना बेहद मुश्किल काम है। जिसके चलते विभागीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। जिसकी विभागीय जांच कराई जाएगी।
Published on:
14 Feb 2020 12:08 am
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