वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में बुधवार को ‘स्वस्थ जीवन पद्धति’ को लेकर सीका और विज्ञान एवं तकनीकी विद्यापीठ ने एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता एमबीएस हाॅस्पिटल के उपनिदेशक डॉ. संजीव सक्सेना ने कहा कि अगर लंबे समय तक स्वस्थ रहना है तो हमें शक्कर का त्याग करना होगा और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को अपने खानपान में शामिल करना होगा। मोटा अनाज हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है और देसी गाय के घी के सेवन से हमें अनेक रोगों से छुटकारा मिल सकेगा।
चावल भी बीमारियों की जड़ है, ऐसे में सलाद, छाछ, दही, दालों के सेवन पर जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि डायबिटीज वाले किसी प्रकार की शर्करा, गुड़ और शहद का सेवन न करें। उन्होंने खासकर युवाओं से शुगर फ्री से बचने और प्रोटीन वाले पाउडरों से भी दूरी बनाने की बात की। डॉ. सक्सेना ने कहा कि हमें तेज चलते हुए ‘वॉक’ करना चाहिए और दौड़ने पर भी ध्यान देना चाहिए।
अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी ने कहा कि बच्चे जब प्राइमरी स्तर पर स्कूलों में जाते हैं, उन्हें उसी वक्त स्वास्थ्य के बारे में बताया जाना चाहिए और खासकर ये जरूर बताया जाना चाहिए कि उन्हें नाश्ते और खाने में क्या उत्पाद लेने हैं। अपनी आदत और खानपान में सुधार कर हम हॉस्पिटल जाने से बच सकते हैं।
भाविप के प्रदेश मंत्री किशन पाठक ने कहा कि हमें अपनी दैनिक दिनचर्या को दुरूस्त रखने के लिए नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौर में वही लोग बच पाए जो कठोर अनुशासन में रहकर अपना कार्य मनोयोग से करते रहे। खानपान और योग से हमें काफी फायदा मिल रहा है और सभी को अनुशासित रहकर इसका अनुसरण करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ अनुराधा दुबे ने किया और धन्यवाद डॉ. नीरज अरोड़ा ने दिया। गोष्ठी में निदेशक अकादमिक प्रोफेसर बी अरूण कुमार, प्रोफेसर कमलेश शर्मा, सुबोध कुमार, नियंत्रक वित्त एमसी मीणा समेत विश्वविद्यालय के शोध छात्र, अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।