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वित्त नियंत्रक ने बेटे की फर्म को दे दिया 30 लाख का ठेका

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) के वित्त नियंत्रक (एफओ) एवं कार्यवाहक कुलसचिव ने अपने बेटे की फर्म को 'मशीन विद मैन' की सप्लाई का ठेका दे दिया। टेंडर रद्द ना हो जाए इसलिए वह केंद्रीय क्रय समिति की अध्यक्षता करने से भी नहीं चूके। मामले की पोल खुलने के बाद विवि में हड़़कंप मचा हुआ है।

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Vineet Kumar Singh

Apr 02, 2017

VMOU Tender Scam

VMOU Tender Scam

कोटा विश्वविद्यालय में 'बहू-बेटों' को नौकरी देने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) के वित्त नियंत्रक (एफओ) एवं कार्यवाहक कुलसचिव ने अपने बेटे की फर्म को 'मशीन विद मैन' की सप्लाई का ठेका दे दिया। टेंडर रद्द ना हो जाए इसलिए वह केंद्रीय क्रय समिति की अध्यक्षता करने से भी नहीं चूके। मामले की पोल खुलने के बाद विवि में हड़़कंप मचा हुआ है।

खुला विश्वविद्यालय में बागवानी, कार्यालय सहायक, परीक्षा और किताबों के बंडल बनाने आदि के लिए ठेके पर कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। इस काम में जिन मशीनों की जरूरत होती है वह भी ठेका लेने वाली फर्म को मुहैया कराने होते हैं। वित्त वर्ष 2017-18 में 'मशीन विद मैन' की सप्लाई करने के लिए विवि प्रशासन ने दिसंबर 2016 में ई-निविदा निकाली। अंतिम तिथि 11 जनवरी 2017 तक पांच फर्मों ने निविदा शुल्क जमा करवाया। आमेर की फर्म अदिति फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विस ने ऑन लाइन निविदा नहीं भरी थी इसलिए उसे उसी दिन दौड़ से बाहर कर दिया गया।

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वित्त नियंत्रक की मौजूदगी में खुले टेंडर

निविदाएं खोलने के लिए विवि प्रशासन ने एफओ डॉ. फूल सिंह मीणा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय केंद्रीय क्रय समिति का गठन किया। इस समिति ने 23 जनवरी को तकनीकी निविदाएं खोलकर उनका तुलनात्मक अध्ययन किया। जिसमें जयपुर की फर्म सॉल्यूशन एंड सॉल्यूशन को तीन साल की आईटीआर रिपोर्ट और बेलेंस शीट ना होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया। बाकी बची तीन फर्मों के दस्तावेज ठीक होने पर उन्हें आगे की दौड़ में शामिल कर लिया गया।

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पते से खुली पोल

इसी क्रय समिति ने 25 जनवरी को बाकी बची तीन फर्मों की वित्तीय निविदाएं खोली और इम्पल्स सोसाइटी उमर को टेंडर जारी कर दिया। मार्च में जब ठेकेदार काम करने के लिए विवि पहुंचा तो उसका और एफओ का पता (उमर गांव, तहसील हिंलोली, जिला बूंदी) एक ही होने पर लोगों को शक हुआ। टेंडर में दर्ज मोबाइल नंबर 9460201205 पर विवि अधिकारियों ने बात की तो उसे एफओ का बेटा मनीष मीणा ही उठा रहा था। जिसके बाद टेंडर में हुए फर्जीवाड़े की पोल खुली।

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बाद में बात करूंगा

इस बाबत जब एफओ डॉ. फूल सिंह मीणा से बात की गई तो पहले वह सफाई देते रहे, लेकिन जब उनसे अधिकारिक वर्जन मांगा गया तो बाद में बात करने की कह कर उन्होंने फोन काट दिया। इसके बाद उन्हें फिर फोन किया गया, लेकिन रिसीव नहीं किया। वहीं वीएमओयू के कुलपति प्रो. अशोक शर्मा ने कहा कि 'मशीन विद मैन' के टेंडर में अनियमितताएं होने की शिकायत मिली है। मामले की जांच करवाई जा रही है। जांच में कुछ भी गलत मिलेगा तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।