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हमारी मजबूरी है कि बीमारी देने वाला पानी पी रहे

कोटा। शहरी के नई धान मंडी इलाके में स्थित शगुन मल्टी स्टोरी हाउस योजना में रह रहे लोगों को भी चंबल का पानी नहीं मिल रहा है। यहां रह रहे लोग बोरिंग का फ्लोराइड वाला पानी पीने को मजबूर हैं l जिन्हें ज्यादा परेशानी है,वे बाजार से पानी खरीद रहे हैं।  

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कोटा

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Hemant Sharma

Jan 03, 2022

pani ki samasya

हमारी मजबूरी है कि बीमारी देने वाला पानी पी रहे

कोटा। शहरी के नई धान मंडी इलाके में स्थित शगुन मल्टी स्टोरी हाउस योजना में रह रहे लोगों को भी चंबल का पानी नहीं मिल रहा है। यहां रह रहे लोग बोरिंग का फ्लोराइड वाला पानी पीने को मजबूर हैं l जिन्हें ज्यादा परेशानी है,वे बाजार से पानी खरीद रहे हैं।
यहां रहने वाले लोगों की पीड़ा है कि, सरकार ने उनका दर्द महसूस नहीं किया। अब कहां जाएं खून पसीने की कमाई खर्च करके घर लिया तब यह पता नहीं था, कि बीमारी देने वाला पानी पीना पड़ेगा।

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जब पर्याप्त पानी उपलब्ध है तो फिर नियम कायदों की आड़ लेकर बड़ी आबादी को चंबल के पानी से वंचित क्यों रखा गया है। किसके सामने पीड़ा व्यक्त करें । ऐसे जलदाय विभाग का क्या लाभ जो पेयजल की आपूर्ति नहीं कर सकता वही ऐसी सरकार का भी क्या लाभ जो प्रजा प्रजा में भेदभाव करें। सोसाइटी के सचिव विवेक जैन व कोषाध्यक्ष लोक माहेश्वरी ने कहा कि चलता विभाग को उनकी पीड़ा समझ नहीं चाहिए।

चर्म रोग झेल रहे

लोगों ने बताया कि ऐसे बोरिंग के पानी में ऐसा लगता है जैसे तेल मिल रहा हो। बार-बार आरो खराब हो जाते हैं। चर्म रोग व बाल झड़ने की परेशानी बढ़ रही है। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर लोग ज्यादा चिंतित हैं।

सालों से भोग रहे पीड़ा

मल्टी स्टोरी के रहवासियों के अनुसार मल्टी 6 साल पहले बनी थी यहां रहने वाले लोगों को 10000 लीटर पानी की दरकार है। पीएचईडी एक का एक भी कनेक्शन नहीं है। आम आदमी के लिए कनेक्शन लेना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

इनका है कहना

सोसायटी के अध्यक्ष अनूप अग्रवाल बताते हैं कि मल्टी स्टोरेज में पानी मिलना चाहिए हमारे यहां पानी में 600 से 800 की मात्रा में टीडीएस रहता है। पानी को पीना मुश्किल रहता है ।सरकार को चाहिए कि मल्टिस के लिए ठोस योजना बनाकर कनेक्शन उपलब्ध कराएं।

यहीं रहने वाली अरुना मित्तल कहती है कि हमें पीने के पानी को बाजार से मंगवाना पड़ता है ।यहां बोरिंग में जो पानी आता है वह प्रदूषित है। इससे आरओ खराब हो रहे हैं। वाशिंग मशीन भी जल्दी खराब हो जाती है ।

शाम शारदा कहते हैं कि मल्टी स्टोरेज में चंबल का पानी मिलना चाहिए ।हमारे यहां काफी गंदा पानी आ रहा है ।सोसाइटी कनेक्शन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। चंबल का पानी पानी नहीं मिला तो लोग मल्टिज में कैसे रहेंगे। नरेश मित्तल बताते हैं कि पीने के लिए तो कम पर ही मंगवाने पढ़ते हैं बोरिंग में पानी तो नहाने कपड़े धोने के काम आता है ।पानी में आयल की मात्रा की वजह से सब लोगों बालों की समस्या हो रही है।