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Water supply department : चंबल नदी में आया पानी तो घरों में बंद हो गया

कोटा. शहर में चारों ओर पानी ही पानी हो रहा हो, लेकिन शहरवासियों को चंबल का उफान कम नहीं होने तक पेयजल के लिए परेशान होना पड़ सकता है। पानी के बहाव व टर्बिडिटी के कारण पानी को साफ करने का कार्य प्रभावित हो गया है। इससे पर्याप्त मात्रा में जल शोधन नहीं हो रहा है।

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कोटा

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Hemant Sharma

Aug 22, 2022

Water supply department:

Water supply department : चंबल नदी में आया पानी तो घरों में बंद हो गया

कोटा. शहर में चारों ओर पानी ही पानी हो रहा हो, लेकिन शहरवासियों को चंबल का उफान कम नहीं होने तक पेयजल के लिए परेशान होना पड़ सकता है। पानी के बहाव व टर्बिडिटी के कारण पानी को साफ करने का कार्य प्रभावित हो गया है। इससे पर्याप्त मात्रा में जल शोधन नहीं हो रहा है। शहर में अकेलगढ़ व सकतपुरा समेत दो फिल्टर प्लांट हैं। सकतपुरा से 130 व अकेलगढ़ से 280 एमएलडी पानी फिल्टर किया जाता है।

तीन पंपों को बाहर निकाला

चंबल में पानी के उफान के बाद सकतपुरा क्षेत्र िस्थत वाटर फिल्टर प्लांट के इंटेकवेल में लगे पंपों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका के कारण जलदाय विभाग ने चार में से तीन पंपों को चंबल से ऊपर उठा लिया है। एक पंप को रविवार रात बंद कर दिया गया है। इससे किई इलाकों में जलापूर्ति बाधित हो गई। क्षेत्र के अधीशासी अभियंता श्याम माहेश्वरी के अनुसार जैसे ही चंबल में जल का प्रवाह वेग कम होगा, एक पंप को चालू कर जलापूर्ति प्रारंभ की जाएगी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार इससे स्टेशन, बोरखेड़ा, सोगरिया, पटरी पार समेत जिन क्षेत्रों में प्लांट से जलापूर्ति की जा रही है, जलापूर्ति बाधित रहने की आशंका रहेगी। सकतपुरा वाटर फिल्टर प्लांट से 130 एमएलडी जल शोधन किया जाता है।

इधर टर्बिडिटी बनी मुसीबत

बारिश के बाद अकेलगढ़ से क्षमता की अपेक्षा जल शोधन घट कर 240 एमएलडी रह गया है। अधीशासी अभियंता भारत भूषण मिगलानी ने बताया कि चंबल में बारिश के पानी के कारण टर्बिडिटी बढ़ रही है। सामान्य पौर पर 20 एनटीयू के करीब टर्बिडिटी रहने तक जलशोधन तक कोई समस्या नहीं आती। कोटा बैराज पर पानी की आवक होने से यह टबिडिटी 100 के करीब पहुंच गई है। इसे फिल्टर चौक हो रहे हैं। जब तक टर्बिडिटी कम नहीं होगी, तब तक पर्याप्त मात्रा में जल शोधन नहीं किया जा सकेगा। जिन क्षेत्रों में दो पारियों में पानी मिलता है, उन क्षेत्रों में फिलहाल एक पारी में ही पानी मिलेगा।

इन क्षेत्रों में जलापूर्ति रहेगी बाधित

130 एम.एल.डी. प्लान्ट सकतपुरा से जुड़े नदी पार क्षेत्र सकतपुरा, लक्ष्मण विहार अम्बेडकर कॉलोनी, सम्पूर्ण कुन्हाडी, बालिता नान्ता, मडगांव एवं सम्पूर्ण नदी पार क्षेत्र एवं सम्पूर्ण लाडपुरा, नयापुरा, आकाशवाणी खेडली फाटक, सम्पूर्ण स्टेशन क्षेत्र, भदाना, कैलासपुरी, सोगरिया, रोटेदा, चन्द्रेसल कालातालाब, सम्पूर्ण बोरखेड़ा क्षेत्र, रायपुरा में पेयजल आपूर्ति बाधित रहेगी। चम्बल नदी में जल बहाव कम होने पर पंप दोबारा लगाए जाएंगे। इसके बाद जलापूर्ति सामान्य की जाएगी। अकेलगढ़ फिल्टर प्लान्ट से जुडे क्षेत्रों में कम दबाव से पानी मिलेगा। जिन क्षेत्रों में दो पारियों में जलापूर्ति की जाती है, वहां एक पारी में पानी मिलेगा।

तीन वर्ष पहले भी आई थी समस्या

तीन वर्ष पहले भी कोटा बैराज के 19 गेट खोलकर करीब 7 लाख क्यूसेक पानी छोडा गया था तो चंबल में पानी के अधिक वेग के कारण पंप क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे शहरवासियों को सप्ताहभर तक पानी के लिए परेशान होना पड़ा था। पानी के टैंकरों की व्यवस्था करनी पड़ी थी।