
कोटा.
कोटा में एक ओर लोग पानी की बूंद-बूंद के मौहताज हो गए वहीं दूसरी और लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। कोटा में चंबल होने के बावजूद शहर व आस-पास के ग्रामीण इलाके 'प्यासे' हैं। सर्दी में ही पानी का संकट है, गर्मी में तो हालात हाहाकार जैसे हो जाते हैं। कोटा शहर की प्रेमनगर अफोर्डेबल आवासीय योजना हो या शहर से लगे जगपुरा, केबलनगर और बड़े कस्बे मंडाना, सांगोद या रामगंजमंडी, सभी जगह सर्दी में ही पानी को लेकर मारामारी मची हुई है। जलस्रोत सूख चुके हैं। जहां एक ओर पानी की इतनी मारामारी है वहीं दूसरी ओर व्यर्थ में लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह गया।
तीन घंटे में तीन लाख लीटर बह गया अमृत
जी हां अकेलगढ़ रानपुर पेयजल योजना की टेस्टिंग के दौरान ही बुधवार को पाइपलाइन फूट गई। इससे तीन घंटे में तीन लाख लीटर से अधिक पानी बह गया। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने अकेलगढ़ से वॉल्व बंद कर पानी सप्लाई बंद कर दी लेकिन पाइपलाइन में भरा पानी बहता रहा। इससे सड़क दरिया बन गई। राहगीरों व वाहन चालकों को दिक्कत हुई।
जानकारी के मुताबिक 65 करोड़ की लागत से अकेलगढ़-रानपुरा पेयजल योजना के तहत अकेलगढ़ से रीको, भामाशाहमंडी, लखावा, रानपुर तक पेयजल सप्लाई के लिए बिछाई गई 800 एमएम की पाइप लाइन की टेस्टिंग के लिए सुबह 11 बजे अकेलगढ़ से जलापूर्ति शुरू की गई। करीब डेढ़ बजे रानपुर में पानी पहुंच गया। लेकिन पानी का दबाव बढऩे पर दोपहर दो बजे महावीर नगर तृतीय स्थित घटोत्कच चौराहे के पास पाइपलाइन फूट गई। सूचना पर तत्काल अकेलगढ़ से पाइप लाइन में जलापूर्ति बंद करवा दी गई। लेकिन पाइपलाइन में भरा पानी तीन घंटे तक बहता रहा। करीब 3 लाख लीटर से अधिक पानी बहा।
यहां भी फूटी पाइपलाइन
अंटाघर चौराहे से थोड़ा आगे राजकीय महाविद्यालय के कॉर्नर के पास मुख्य पाइप लाइन फूटने से लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। काफी देर तक विभाग के कार्मिक मौके पर नहीं पहुंच पाए।
प्रेशर से फूटी
कोटा जलदाय विभाग अधिशासी अभियंता नरेंद्र मोहन गौतम का कहना है कि नई पाइप लाइन है, अभी टेस्टिंग की जा रही। पहली बार रानपुर में पानी पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रेशर के चलते पाइपलाइन फूट गई। करीब 3 लाख लीटर पानी बहा। पाइपलाइन की मरम्मत की जाएगी।
Published on:
01 Feb 2018 03:28 pm
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