
एमटी-2 के शावक की उपचार के दौरान मौत हो
कोटा. मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघ और बाघिन की मौत के बाद एमटी-2 के शावक की भी मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। एक शावक पहले से ही गायब है। जिसके मिलने की उम्मीद विभाग के अधिकारी छोड़ चुके हैं। इस तरह एक माह में मुकुंदरा रिजर्व के चार सदस्य मौत के गाल में शाम चुके हैं। वन विभाग की जांच इतने धीरे चल रही है कि मौत के कारणों का पता नहीं लगा सके। शावक का कोटा चिड़ियाघर में उपचार चल रहा था। शावक का इलाज कर रहे डॉक्टर के मुताबिक ब्लड टेस्ट में हिमोग्लोबिन की कमी की पुष्टि हुई थी। इससे पहले मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में 23 जुलाई 2020 को बाघ एमटी-3 की संक्रमण से मौत के बाद 3 अगस्त 2020 को बाघिन एमटी-2 की मौत हो गई थी। बाघिन एमटी-2 ने कुछ माह पहले ही दो शावकों को जन्म दिया था। पर्यावरण प्रेमी बृजेश विजयवर्गीय ने कहा, यह बहुत दु:खद खबर है। एक-एक करके बाघ मर रहे हैं और विभाग कुछ नहीं कर पा रहा। वन्यजीव प्रेमी तपेश्वर सिंह ने भी शावक की मौत पर दु:ख जताया है। वन्यजीव प्रेमी एडवोकेट वैभव सिंघल ने सरकार से बाघों की मौत के असली कारणों का जल्द पता लगाने और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। सिंघल ने कहा, सरकार ने केवल अधिकारियों का तबादला कर दिया, जबकि मौत के कारणों का पता लगाना चाहिए। बाघों के पुनर्वास का रास्ता तेजी से खोजने की जरूरत है। ग्रीनकोर के सचिव डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा, बूंदी के रामगढ़ को भी बाघों से आबाद करके रणथम्भौर और मुकुंदरा के बीच कॉरिडोर बनाए जाने की जरूरत है।
Published on:
18 Aug 2020 10:36 am
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
