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अफसर मेहरबान तो बदली का क्या काम

- 6 साल से बोरखेड़ा में ही तैनात है हैड कांस्टेबल -एसपी रिश्वतकांड में भी कठघरे में आया था भंवरसिंह, अब नरेन्द्र ने लिया नाम  

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कोटा

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Deepak Sharma

Aug 07, 2018

kota

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अंकित सिंह चन्द्रावत
कोटा. भ्रष्टाचार के मामलों में नाम उजागर होने के बाद भी एक पुलिसकर्मी के आला अफसर इतने मेहरबान हैं कि वह 6 साल से यह एक ही थाने में जमा है। कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल बन गया, लेकिन थाना नहीं बदला। बीच में कुलजमा पखवाड़े भर का पगफेरा दो थानों में जरूर हुआ लेकिन वापस यहीं आ जमा। पिछले दिनों भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा पकड़े गए कांस्टेबल नरेन्द्र ने फि र एसीबी की पूछताछ में वही नाम लिया जो पूर्व में शहर एसपी सत्यवीरसिंह भ्रष्टाचार प्रकरण में सामने आया था।

बोरखेड़ा थाने में तैनात हैड कांस्टेबल भंवरसिंह एक बार फि र एसीबी के राडार पर है। थाने के बाहर रिश्वत लेते पकड़े गए कांस्टेबल नरेन्द्र ने एसीबी को बयान दिया है कि उसने भंवरसिंह व जलसिंह के कहने पर ही यह रिश्वत ली। भंवरसिंह बोरखेड़ा थाने में लंबे समय से तैनात है। महकमे में उंचे रसूखात के चलते अरसे से यहीं जमा है।

एसपी प्रकरण: तब फोन में मिली थी बातचीत...

हैड कास्टेबल भंवर सिंह का नाम पूर्व में एसपी सत्यवीरसिंह रिश्वत मामले में भी सामने आ चुका है। इस हाईप्रोफाइल रिश्वतकांड की मजबूत कड़ी और सूत्रधार रही आरोपी फरीन की भंवरसिंह से बातचीत कॉल डिटेल जांच में सामने आई थी। इस पर इसे एसीबी की टीम पूछताछ के लिए जयपुर लेकर गई थी। तब भी सिंह बोरखेड़ा थाने में तैनात था।

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ऐसे रहे अफसर मेहरबान
संदिग्ध भूमिका से फिर चर्चा में आए भंवरसिंह साल 2012 में बोरखेड़ा थाना खुलने के बाद से ही वहां तैनात है। बीच में मई 2014 में जरुर इसका स्थानांतरण मकबरा थाने में हुआ था, लेकिन महज 10 से 15 दिन में बदली रेलवे कॉलोनी थाने में हो गई। यहां भी सिर्फ 5 दिन नौकरी करने के बाद फिर स्थानांतरण बोरखेड़ा थाने में हो गया। सूत्रों ने बताया कि एसीपी रिश्वत कांड में फंसे लोगों की इसे बोरखेड़ा थाने में फिर लगवाने में भूमिका रही थी। इसके बाद यह हैड कांस्टेबल इसी थाने में बन गया।