बदहाल सड़क, सफर मजबूरी
रावतभाटा का निकटतम बड़ा शहर कोटा है। रावतभाटा की जिला मुख्यालय चित्तौडग़ढ़ से दूरी 140 किलोमीटर से अधिक दूरी होने की वजह से यहा के लोगों का कोटा से जुड़ाव है। कोटा रावतभाटा मार्ग पर प्रतिदिन करीब 5 सौ छोटे-बड़े वाहन आवागमन करते है। सामान्य परिस्थितियों में खस्ताहाल सड़क की वजह से कोटा का 50 किलोमीटर सफर कष्ट दायक और थका देने वाला होता है। सफर के दौरान सड़क बेच स्थित गड्डों से बचाने के कारण कई वाहन हादसों के शिकार हो चुके है। जिसमें कुछ लोग तो अपनी जान भी गवां चुके है। वहीं दूसरी ओर रावतभाटा स्थित परमाणु बिजलीघर के 150 से ज्यादा कर्मचारी संयंत्र स्थल में पदस्थ है। इसलिए रोजाना अपडाउन करना उनकी मजबूरी है। चिकित्सकीय आपातकाल की स्थिति में निकटस्थ बड़ा चिकित्सालय कोटा में है। ऐसे में रावतभाटा से रेफर किए मरीजों व प्रसूताओं को कोटा पहुंचाने में उनकी जान पर बन आती है। वहीं परमाणु बिजलीघर की संचालित बहु इकाइयों व निर्माणधीन एनएफसी में भविष्य में कोई आपात की स्थिति पैदा होती है, तो बदहाल सड़क की वजह से रावतभाटा के लोग गंतव्य तक पहुंचने से पहले बीच रास्ते में अटक जाएंगे।
वन विभाग की ओर से वन क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया था। इसके लिए विभाग की ओर से आवेदन कर दिया गया है। अनापत्ति मिलते ही वहां भी काम शुरु कर दिया जाएगा।
-निलिमा सिंह, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, कोटा